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सीधी बात मोदी जी के नाम - shut up virodhi

नमस्कार, प्रधानमंत्री मोदी जी आपकी सरकार ने किसान वर्ग की समस्याओं को दूर करने के लिए कृषि सुधार बिल के जरिये नए कानून भी बनाकर इस देश के किसानों के ऊपर थोप दिए है। जिसका असर ये हो रहा है कि दिल्ली जो आप राजनीति करने वालों का अड्डा है वो एक बार फिर से शाहीन बाग वाले मोड़ में है जैसा शाहीनबाग में हुवा था विरोध और CAA को वापस लेने की मांग की जा रही थी और उसे भी काला कानून कहाँ गया था मुस्लिम समुदायों के तरफ से आज उसी प्रकार किसानों के लिए लाया गया बिल आज किसान ही उसे काला बिल कह रहा है।। प्रिय मोदी जी गलती न किसानों की है न उनका समर्थन करने वालों की वो इसलिए कि जिस प्रकार सरकार के साथ जो खड़े है उन्हें भी बिल के बारे में कुछ खास पता नही और जो किसानों के साथ खड़े होने और उनके साथ आवाज बुलंद करने में लगे है उन्हें भी कुछ पता नही।। अब बात सीधी करते है आपको आदत हो गयी है बबाल को बढ़ाने का और देश मे जानबूझकर आम आदमी को परेशान करने का वो इसलिए क्योकि जो बिल आपने बिना किसी से पूछे व राज्यसभा में बिना वोटिंग कराए पास करवाया है वो विचारणीय है। खैर जिस समस्या को आप सिर्फ एक घंटे में खत्म कर सकते ह...

पीएम गरीब कल्याण के तहद 33 करोड़ से ज्यादा लोगो को मिला फायदा

भारत - जैसा कि आप सभी जानते है देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान भारत सरकार के द्वारा वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने देश के हर गरीब को आधार के द्वारा उनतक पैसा मुहैया कराने का जिम्मा लिया था। जिसके दौरान 31,325 करोड़ रुपये बाटे गए है, जिसका सीधा लाभ उन गरीब परिवारों को मिलेगा जो इस संकट में आर्थिक रूप से असहाय हो चुके थे जनाकारी देते हुवे वित्त मंत्रालय ने कोरोना वायरस के दौरान जो आर्थिक मदद की है उसका पूरा विवरण दिया है, जिसके तहद अब तक 33 करोड़ से ज्यादा गरीबो लोगो को 31,325 करोड़ रुपये की मदद की गई है जो उनतक पहुँच गए है। किसानों को दिए 16,146 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री किसान योजना की पहली किस्त के तहद देश के 8 करोड़ किसानों को 16,146 करोड़ रुपये दिए गए है जो अप्रैल महीने में गरीब किसान में डाल दी गयी है इस योजना के तहद 2000 रुपये की पहली किस्त किसानों के खातो में सीधा डाला जा चुका है और हम सभी ने बैंक की लाइन हर न्यूज़ में देखे है किस प्रकार गाँव व छोटे छोटे शहरों में भी भीड़ दिखाई पड़ी है।। इसी क्रम में वित्त मंत्रालय ने  जानकारी दी कि कुल मिलाकर अब तक देश मे 1405 करोड़ रुपये वि...

किसान की गलती क्या है? किसानों का सम्मान करें उनका तिरस्कार नहीं।

आज देश का हर वर्ग चाहता है घर पर रहे सुरक्षित रहे। परन्तु किसान की पीड़ा ये है कि खेती नही करेगा तो खुद के साथ साथ देश की जनता भी मरने लगेगी लेकिन क्योकि खेती नही होगी तो अनाज नही होगा और सरकार को परेसानी का सामना करना पड़ेगा। आइए कुछ तथ्य है देश के किसानों की परेसानी व उनकी तकलीफ के।।  देश मे मंहगाई सिर्फ प्याज सब्जी पेट्रोल डीजल फल तेल दालो के भाव से बढती है। लेकिन कभी मीडिया ने बताया कैसे 1 रू किलो का नमक 15 रू हो गया । कैसे  वाशिंग पावडर के भाव भी बढाये गये और पैक छोटे होते गये। कैसे टूथपेस्ट और साबुन छोटे होते गये ओर रेट बढते गये। कैसे रोजगार के लिये आयोजित परीक्षाओ की फीस बढती गई। कैसे 30 रू मे मिलने वाले जूते 130 के हो गये। कैसे मुफ्त पिलाया जाने वाला पानी 20 रू लीटर मे बिक रहा है। कैसे 50 रू मिलने वाली सीमेंट 300 हो गई। कैसे सरसो का भाव वही रहा पर सरसो तेल का भाव दुगुना हो गया। कैसे 35 हजार मे बिकने वाली मोटर सायकल 70000 हजार की हो गइ। केसे 2 लाख 50 हजार का ट्रेक्टर 6 लाख का हो गया। कैसे  50 पैसे की इंट 5 रू की हो गई। कैसे  300 रू का  खाद 1200 का हो ...