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सीधी बात मोदी जी के नाम - shut up virodhi

नमस्कार,
प्रधानमंत्री मोदी जी आपकी सरकार ने किसान वर्ग की समस्याओं को दूर करने के लिए कृषि सुधार बिल के जरिये नए कानून भी बनाकर इस देश के किसानों के ऊपर थोप दिए है।

जिसका असर ये हो रहा है कि दिल्ली जो आप राजनीति करने वालों का अड्डा है वो एक बार फिर से शाहीन बाग वाले मोड़ में है जैसा शाहीनबाग में हुवा था विरोध और CAA को वापस लेने की मांग की जा रही थी और उसे भी काला कानून कहाँ गया था मुस्लिम समुदायों के तरफ से आज उसी प्रकार किसानों के लिए लाया गया बिल आज किसान ही उसे काला बिल कह रहा है।।

प्रिय मोदी जी गलती न किसानों की है न उनका समर्थन करने वालों की वो इसलिए कि जिस प्रकार सरकार के साथ जो खड़े है उन्हें भी बिल के बारे में कुछ खास पता नही और जो किसानों के साथ खड़े होने और उनके साथ आवाज बुलंद करने में लगे है उन्हें भी कुछ पता नही।।

अब बात सीधी करते है आपको आदत हो गयी है बबाल को बढ़ाने का और देश मे जानबूझकर आम आदमी को परेशान करने का वो इसलिए क्योकि जो बिल आपने बिना किसी से पूछे व राज्यसभा में बिना वोटिंग कराए पास करवाया है वो विचारणीय है।

खैर जिस समस्या को आप सिर्फ एक घंटे में खत्म कर सकते है उससे आप तीन महीनों से अधिक लगा चुके हैं।

बात अब कड़वी - आप जानते है कि आपके विपक्ष के सभी साथी आपके या आपके सरकार द्वारा किसी भी कानून, किसी भी बिल , किसी भी संविधान संशोधन या किसी भी योजनाओं को लाने या पास कराने का समर्थन नही करेंगे और सब हो जाने के बाद भी वो पूरे देश मे हल्ला मचाएंगे उसके बावजूद आप उन्हें ये सब करने का मौका देते है।।



समस्या का समाधान - हमारे नजर में समस्या का समाधान यही है कि आप अपने नेता या मंत्रियों के साथ चर्चा न करवाकर खुद किसानों के नेताओं से बात करे व उनकी जो मांग है उसे अभी के लिए पूरा करें।

हमारे अन्नदाता की जो मांग है उसे आप पूरा करे जिसके बाद आप भले ही इस कानून में कुछ सुधार करके किसानों के सहयोग से दुबारा बिल लाये।।

इससे आपकी वोट बैंक पर असर भी नही पड़ेगा
और किसानों की जो समस्या है उसका समाधान भी होगा।।

किसान आंदोलन या कोई सडयंत्र - इस मुद्दे पर भी बात करनी जरूरी है क्योंकि जिस प्रकार से राजनीतिक लोग इस आंदोलनों से जुड़े है व उनके समर्थन संगठन जो देश मे हमेशा अशांति फैलाने का काम करते है।

जो लोग भी इस आंदोलन का हिस्सा बन गए है ये इस आंदोलन के साथ साथ देश के लिए भी खतरनाक है क्योंकि आंदोलन में --- खालिस्तान, देशद्रोही गैंग, अर्बन नक्सल, लेफ्ट, वामपंथी और कई आतंकवाद समर्थक लोगो का साथ होना देशद्रोही  शारजील इमाम, खालिद सैफी व उमर खालिद जैसे ग़द्दारों के समर्थन वाले लोग  इस आंदोलन को कमजोर कर रहे है

क्योंकि ये लड़ाई किसानों की है जिसमे इनका कोई लेना देना नही फिर भी आप इन्हें जगह देंगे तो कमजोर आपका आंदोलन होगा और फिर सरकार के पास कोई दूसरा रास्ता नही होगा आप लोगो के ऊपर कड़ी कार्यवाही करवाने में आप किसानों व उनके नेताओ से भी निवेदन है।

आप ऐसे लोगो का वहिष्कार करे जैसे कि आपने सरकार के द्वारा दिये गए भोजन को नकार दिया।।
आप हमारे लिए जरूरी है क्योंकि आप से ही हमारी मिटती पेट की भूख है।।

जय हिंद, जय भारत।।

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