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Assam Voilence पर पूरी खबर देखें : जाने क्या है सच और क्या है झूठ

असम : में हुई झड़प को किस प्रकार से साम्प्रदायिक रंग में दिया गया ये बेहद ही शर्मनाक है, आखिर देश का एक वर्ग हमेशा देश को आग लगाने के लिए ही क्यो चाले चलता है, आखिर बुद्धिजीवियों और लेफ्ट पत्राकारों को हमेशा किसी भी पुलिस कार्यवाही में धर्म क्यो नजर आता है वो उस घटना के पहलू पर जाने की क्यो नही सोचते है। आखिर उनके राजनीति व TRP के चक्कर मे आम आदमी आपस मे लड़ जाता है, ऐसा कब तब इस देश का एल धड़ा ऐसा कार्य करता रहेगा। पढ़े पूरी रिपोर्ट इस घटना क्रम के बारे में . असम के दरांग जिले के सिपाझार में गुरुवार को अतिक्रमण हटाने को लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस झड़प में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। इसके अलावा नौ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की खबर है। ये झड़प तब हुई जब पुलिसकर्मियों की एक टीम अतिक्रमण हटाने के लिए इलाके में गई थी। असम सरकार ने दरांग जिले के सिपाझार के गोरुखुटी गांव में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया था। इसके तहत करीब 800 परिवारों को हटाया गया। असम सरकार का दावा है कि ये लोग यहां अतिक्रमण करके रह रहे थे। इस गांव में ज्यादातर पूर्वी बंगाल मूल के ...

जम्मू और कश्मीर में दिख रही कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, निकाले जा रहे है सडको में रैलियाँ 'पाक प्रेमी कश्मीरी नेता भी दे रहे बधाई : पढ़े पूरी रिपोर्ट

 जम्मू और कश्मीर में दिख रहा है जन्माष्टमी का उत्सव यह नजारा धारा 370 हटने के बाद ही नजर आ रहा है।  लोगो एक दुसरे को दे रहे बधाई उत्सव का आलम इस प्रकार है की लोग रैलियाँ भी निकल रहे है। एक तरफ जम्मू और कश्मीर की विरासत को नुकसान पहुचाने वाले नेता भी दे रहे है बधाई।  यह सब देश के सच्चे नेतृत्व के कारण हो सका है क्योकि जिस निर्णय ने राज्य को बदलने की सोच को रखकर यह निर्णय लिया था वो अब समस्त देश व् विदेश सभी देख रहे है जहाँ नकारात्मकता फैलाकर देश को नुकसान व् आतंकवाद परस्त राज्य बनाना थ आज उन लोगो को यह सब चुभ रही है।   भाजपा नेता नविन जिंदल की ट्वीट  नये भारत के बदलते कश्मीर की तस्वीर.. आज #कृष्ण_जन्माष्टमी पर पहली बार श्रीनगर के लालचौक पर मुरलीधर की भव्य शोभायात्रा बड़े धूमधाम से निकली गयी। धारा 370 हटाकर घाटी का स्वरूप बदलने के लिए बहुत बहुत आभार आदरणीय प्रधानसेवक श्री @narendramodi जी। "जय श्री कृष्णा" pic.twitter.com/SrzVLnC58a — Naveen Kumar Jindal 🇮🇳 (@naveenjindalbjp) August 30, 2021 हमसे  सोशल मिडिया से जुड़ें  Facebook Page ...

मोदी का राष्ट्रवाद क्यो है चुभता, विपक्ष की आखिर क्या है मंशा - पढ़े पूरी खबर

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने तब से आज तक विपक्ष उनकी निजी और राजनैतिक दोनों ही प्रकार से विरोध करता रहा है, ऐसा कोई भी विपक्षी दल नही जो नरेंद्र मोदी को गलत साबित या अच्छे नेता के रूप में पसंद करता हो। Narendra Modi वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की एकतरफा जीत ने विपक्ष की नींद तो वैसे ही उड़ा दी थी कि उनको सम्भालने में 5 साल लग गए और जब खड़े हुवे और चुनाव में उतरे तो 2014 से भी बुरा हाल हो गया विपक्ष का इससे ही नाराज विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी के मानो जैसे पीछे ही पड़ गया हो। विपक्ष का एक-एक नेता मोदी जी के कार्य को न देखकर सिर्फ विरोध करने लगा वो उस  हर एक मुद्दे पर गंदी राजनीति करने लगा जिससे देश और देशवासियों को नुकसान भी उठाना पड़ जाए। चाहे वो किसी बिल को लेकर हो या संविधान संशोधन को लेकर हो या सरकार के द्वारा लाई जा रही देशव्यापी योजनाओं को लेकर हो विपक्ष हर चीज़ का विरोध करने लगा। जैसा कि नरेंद्र मोदी जी का छवि एक हिन्दू हृदय एवं देशभक्त के रूप में जाना जाता है क्योकि वो राष्ट्रीय स्वयं सेवक के रूप में कई वर्षों तक सेवा का क...

कांग्रेस में संकट: छत्तीसगढ़ में क्या हुआ, राजस्थान और पंजाब में क्या होने वाला है- पढ़े पूरी खबर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री  टी. एस. सिंहदेव के बीच सरकार चलाने के लिए ढाई -ढाई साल के फार्मूले का विवाद जो सामने आया था वह अब भी बरकरार है क्योंकि आज के हुए बैठक में कोई भी निर्णय या कोई भी ऐसा फैसला एक पक्ष की ओर नहीं लिया गया है दोनों नेताओं के बीच इस फार्मूले को लेकर लंबे समय से चल रहे नाटकीय घटनाक्रमों के बाद जिस तरह से मतभेद सामने आए हैं राहुल गांधी को इस मामले में दखल देना पड़ा हालांकि अभी भी ऐसा कोई संकेत नहीं मिल रहा है जिससे यह लगे कि दोनों नेताओं ने अपने मतभेदों को खत्म कर दिया है क्योंकि टी. एस. सिंहदेव को अभी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने की जिद  छोड़ने के लिए समझा दिया गया है लेकिन माना जा रहा है कि कुछ समय बाद यह फिर आवाज अपनी बुलंद कर सकते हैं।   वैसे  कांग्रेस के लिए सीएम की कुर्सी के दावेदारी वाली बात कोई नई नहीं है क्योंकि राजस्थान पंजाब और छत्तीसगढ़ इन तीनों राज्य में कांग्रेस के लिए विधानसभा चुनाव जीतने के बाद ही संकट सामने आने लगी थी क्योंकि तीनों राज्यों में कांग्रेस की तरफ से दावेदार का च...

छत्तीसगढ़ में सीएम की कुर्सी के लिए रुक नही रहे विवाद टी.एस. सिंहदेव ने कहा टीम का हर खिलाड़ी बनना चाहता है कप्तान- पढ़े पूरी खबर

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद के लिए छिड़ा हुवा जंग थमने का नाम नहीं ले रहा घंटो चर्चा चलने  सुलझ नहीं पाया मसला , देखते  आखिर कौन जीतेगा बाज़ी।  रायपुर- ढाई-ढाई साल के मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में मचे घमासान के बीच स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बड़ा बयान दिया है। दिल्ली से रायपुर पहुंचे मंत्री सिंहदेव ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में कहा, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के कहने पर दिल्ली में रुका था। उन्होंने कहा कि ढाई-ढाई साल की बात पार्टी ने कभी नहीं कही। सीएम के ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले का मुद्दा मीडिया की उपज थी जो आज तक ये चर्चा चली आ रही है। पार्टी में किसको क्या काम करना होता है ये पार्टी तय करती है, जो हम निभाते हैं। जब पत्रकारों ने पूछा सीएम बनने का  सवाल तब  मंत्री सिंहदेव ने कहा, टीम में खेलने वाला हर खिलाड़ी कप्तान बनना चाहता है। कोई पद फिक्स नहीं रहता, सालों तक भी पद पर रह सकता है। नाराजगी को लेकर मंत्री सिंहदेव ने कहा कि विवाद तो भाई-भाई के बीच भी होता है। लोगों के बीच स्वच्छ प्रतिस्पर्धाएं होती है। सीएम बनने की...

देश को यही दिखाना है बलात्कार होने पर शोर मचाना है

देश को यही दिखाना है बलात्कार होने पर शोर मचाना है  बलात्कार जैसे घटना पर भी राजनीति इन नेताओ को शर्म क्यो नहीं आती ।  जैसा की आप सभी को बता दे की देश में किस प्रकार से टेलीविशन के माध्यम से व् अब मोबाइल के माध्यम से कितनी फूहड़ता देश में फैलाई और दिखाई जाती है आप सभी जानते है की किस  प्रकार देश में बैठ कर कुछ लोग भारत जैसे पारम्परिक जीवनशैली में जीने वाले लोगो को एक मिशन के तहद विनास के और ले जा रही है.  Rape case in india भारत देश की फ़िल्मी जगत सबसे बड़ा माध्यम है इस की संस्कृति को बर्बाद व् नुकसान पहुंचने के लिए क्योकि देश में जब से इसका उदय हुवा है तभी से देश की जनता इनके द्वारा बनाई जाने वाली कहानी जो की इनकी गन्दी  विचारधारा को प्रस्तुत करती है।  देश में पल रहे फ़िल्मकार , लेखक, सपादक, गीतकार अन्य लोग जो मिलकर एक पूरी कहानी को जनता के सामने प्रस्तुत करती है वो किस प्रकार कुछ पैसों के लिए अपने देश व् उसकी संस्कृति के साथ खिलवाड़ कर सकती है जो हम आपको आगे बताएंगे की किस प्रकार से इन्होने देश की एकता को भी बर्बाद करने की पूरी योजना बनाई है।   जिसमे...

हाथरस की घटना का क्या है सच क्या है झूठ जानिए पूरी बात हमारे साथ

हाथरस की घटना का क्या है सच क्या है झूठ जानिए पूरी बात हमारे साथ जैसा की आप सभी जानते है की हाथरस की घटना किस प्रकार दिन ब दिन उलझते जा रही है और जैसे - जैसे समय बीत रहे है नए नए खुलासे रोज सामने आ रहे है जैसा की सभी जानते है की उत्तरप्रदेश के हाथरस मे 14 सितंबर को चंदपा थाने के पास एक गाँव मे 19 साल की एक दलित लड़की के साथ छेदछाड़ और मारापीटी की गयी थी।  जो की सुरुवात मे ऐसा सामने आया और लड़की ने एक विडियो मे बताया की किस प्रकार पारिवारिक आपसी रंजिस मे उसके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया गया और उसको जान से मारने की कोशिस भी की गयी उसका गला भी दबाया गया ।  पीड़िता ने नही बताया की उसके साथ छेदछाड़ हुई  लेकिन पीड़िता ने एक बार भी बलात्कार होने की बात नही कहीं पीड़िता ने निर्भीक होकर सारी बातें कहीं , वही दूसरी ओर एक न्यूज़ के साथ सवाल जवाब कर रही पीड़िता की माँ ने दुषकर्म होने की बात कहीं व पीड़िता के भाई व उसके पिता को ये जानकारी न हो ऐसी बात कहीं ।  हालांकि आपको हम जानकारी दे दे की इस पूरे घटना मे पुलिस प्रशासन की कार्यवाही पूरे तरह से निंदनीय है व उसका रवैया बिलकुल भी सहने ल...

भारतीय झंडे का विवाद समझे क्या है - रुपेश रजक

आज हम बात करेंगे झंडा भी बात पर आखिर भारत में यह झंडा विवाद है क्या ? और किस कारण से यह विवाद बना किस बात को लेकर झंडा का विवाद होता है किन किन नियमों को पालन करना पड़ता है यह सारी बातें आज हम बताएंगे और आप सभी से अनुरोध भी करेंगे कि इसे शेयर करें ताकि और अन्य भी लोगों को जानकारी मिली कि भारत देश के झंडे हैं उसके प्रति हमारी क्या कर्तव्य होनी चाहिए। तो जैसे हमारी पुरानी ध्वज संहिता है जिसमें प्राचीन प्रावधानों की एक लंबी सूची थी जिसमें झंडा फहराने का अधिकार को जी व्यक्तियों का विशेषाधिकार था हो सकता है यह मंत्री होंगे नेता होंगे या बड़े-बड़े उद्योगपति लेकिन वर्ष 2002 में जिंदल समूह के उपाध्यक्ष नवीन जिंदल ने झंडा फहराने के अपने अधिकार पर निबंध को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी।  दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश की तिरंगा फहराने मौलिक अधिकार है तथा इसके बाद में ध्वज संहिता के उदारीकरण के प्रश्न के परीक्षण हेतु समिति गठित करने के सर्वोच्च न्यायालय की अनुशंसा के पश्चात सरकार ने समिति गठित की समिति की अनुशंसा के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंड...

दिल्ली दंगे 2020 अनकही कहानी को प्रकाशित होने से क्यों रोका गया - मोनिका अरोड़ा

जैसा कि आप सभी जानते हैं दिल्ली में जो दंगे हुए थे उसको लेकर काफी मतभेद है और दिल्ली सरकार की मंशा के ऊपर भी बहुत सवाल उठे हैं जो कि जायज है क्योंकि जिस प्रकार से दिल्ली सरकार ने दंगों के अपराधियों को छुपाने के लिए काम किया है वह उनकी पार्टी की गाइडलाइन को फॉलो करती है। और दंगों के मास्टरमाइंड को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा देती है। वैसे हम आपको बता दें कि दिल्ली राइट 2020 अनटोल्ड स्टोरी पुस्तक का प्रकाशन पब्लिशिंग हाउस ब्लूस में बरी द्वारा किया जाना था जिसके बाद कट्टरपंथी विचारधारा व विदेशी गैंग द्वारा पब्लिशिंग हाउस को परिसर दिया गया जिसके बाद उसने पब्लिक करने से मना कर दिया जिसके बाद गरुड़ ने इसे प्रकाशित करने का फैसला किया है किया था बता दें कि पुस्तक के लिए 30,000 से अधिक पर आ चुके हैं। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर बताया है किताब की 30000 प्रतियों के आर्डर पहले ही दिए जा चुके हैं मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं दिल्ली दंगे की अनकही कहानी की 100 प्रतियां खरीद लूंगा मैं इस किताब की 100 कॉपी खरीद कर लोगों को पढ़ने को दूंगा आइए हम सब मिलकर 50000 बुकिंग का रिकॉर्ड बनाए ...

सरजीत इमाम देश विरोधी है इसका काम जानिए कैसे -दिल्ली पुलिस में दाखिल की नई चार्टसीट

नमस्कार आप शरीर में हमको तो जानते ही होंगे क्योंकि असम को भारत से अलग करने की मांग कर रहा था दिल्ली पुलिस ने दाखिल की गई चार्जशीट में बताया कि आरोपपत्र में सर्दी नाम उसके समूह के विभिन्न मस्जिदों की ने पहचान की थी और सीए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की आड़ में बड़ी संख्या में मुस्लिम लोगों को जुटाने के लिए कुछ लोगों को इन मस्जिदों में पर्चे बांटने का काम भी सौंपा था। इस्लामिक कट्टरपंथी सर जी नाम के खिलाफ दिल्ली पुलिस में नई चार्जशीट दाखिल की है । इसमें दिल्ली पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं इसमें कहा गया है कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम विरोधी प्रदर्शन को पूरे देश में फैलाना चाहता था वह बहुत ही बेताब था। आरोप - पत्र में कहा गया है कि इमाम पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्य में से एक के संपर्क में था । जिसने उसे (PFI) के सदस्य के रूप में विरोध करने का सुझाव दिया था आरोप-पत्र में कहा गया है आरोपित उच्च स्तर पर विरोध प्रदर्शन को ले जाने के लिए बहुत बेताब था जहां प्रदर्शनकारियों के सरगना ने भीड़ को अपने हाथ में ले लिया था। आगे कहा गया है कि इमाम में सिर्फ समुदाय के लोगो...

कंगना को माफिया से ज्यादा मुम्बई पुलिस से है डर जाने ऐसा क्यों

जैसा कि आप जानते हैं कि बॉलीवुड का पाकिस्तानी समर्थक है अभी कंगना राणावत को आड़े हाथों लिए हुए हैं चौकी वह बॉलीवुड में परिवारवाद और माफिया को लेकर कई खुलासे कर रही हैं रिंकी यह बात बॉलीवुड जैन को पसंद नहीं आ रही है कंगना ने एक इंटरव्यू में कहा है और उन्होंने बकायदा कई वीडियो भी बनाया है इस समय जिसमें वह बॉलीवुड को लेकर एक से खुलासे कर रही है इसी कड़ी में उन्होंने बताया कि एक टॉप स्टार ने उन्हें जेल भेजने की कोशिश की थी क्योंकि वे उससे डस विराट के बारे में जानती थी साथ ही ट्वीट कर बताया कि अब माफिया से ज्यादा उन्हें मुंबई पुलिस का डर है। रिपब्लिक टीवी को दिए इंटरव्यू में कंगना राणावत ने दावा किया है कि वह एक टॉप स्टार के साथ रिलेशनशिप में थी तो उस दौरान उसे ड्रग ओवरडोज के चलते अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था उसके फेफड़ों में कुछ हुआ था हालांकि अस्पताल ने इसे सामने नहीं आने दिया और मामले को दबा दिया उनका कहना है कि वह खुद को एक सुपर हीरो मानता है कंगना ने कहा कि इस स्टार का परिवार एक फिल्म बना रहा था उसमें उनकी एक छोटी सी भूमिका थी उन्होंने लास वेगास में फिल्म की शूटिंग के दौरान अन...

भारतीयों के मूल कर्तव्य क्या है आइए जाने

भारतीयों के मूल कर्तव्य क्या है आइए जाने नमस्कार आप सभी स्वस्थ रहें यही कामना करते हैं ।  आज हम बात करते हैं भारत के लोगों के मूल कर्तव्य की कि आखिर में भारतीय को भारत में रहने के लिए किन कर्तव्य का निर्वहन करना जरूरी है. इसका स्पष्टीकरण आपको संविधान के भाग 4 (क) से प्राप्त होगी डॉ स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश सन 1974 के आधार पर 1976 में किए गए 42 वें संविधान संशोधन द्वारा पहली बार भारतीय संविधान में एक नया अध्याय 4 (क) अनुच्छेद 51( क) है मूल कर्तव्य नामक शीर्षक जोड़ा गया है जिसमें 10 मूल्य कर्तव्यों का उल्लेख किया गया था 86 वें संविधान द्वारा एक और कर्तव्य जोड़ा गया और वर्तमान में इसकी संख्या 11 हो गई है कि भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह इन 11 कर्तव्यों का पालन करें वह निर्वहन करें।   सर्वप्रथम संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों संस्थाओं राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे  स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले कुछ आदर्शों को संजोए रखें और उनका भी पालन करें  भारत की संप्रभुता एकता और अखंडता की रक्षा करना...

भारतीय संविधान की खामियां जानिए क्या है ?

नमस्कार आप सभी ठीक हो ऐसी कामना करते है कोरोना के एक काल से आप बचे स्वस्थ रहे।। बाहर निकलने से बचे व एक दूसरे के सम्पर्क में आने से बचे यही सबसे सटीक दवाई है कोरोना से बचने का। आज हम बात करेंगे भारतीय संविधान की कमी और संविधान के नकारात्मक प्रभाव जो संविधान में नही होने चाहिए थे।। भारतीय संविधान बोहोत ही बड़ा है और विश्व का सबसे लंबा लिखा जाने वाला संविधान है इसके कुछ ऐसे अनुच्छेद है जो अभी तक पालन या कार्य मे नही आये है जो भारत की परंपरा और संस्कृति के बिल्कुल विपरीत है भारत का जो संविधान है वो अधिकार विदेशों के नियमो को देखर छाप दिया गया है। कुछ धारा तो ऐसी है की उन्हें इसलिए रख लिया गया है कि कभी भि इसकी जरूरत पड़ सकती है इसलिए इसे भी रख लिया जाए। संविधान के विरोध में कुछ बोलने वालों का का तर्क कुछ ये भी है कि संविधान का निर्माण करने वाली संविधान सभा वयस्क मताधिकार के सिद्धांत पर निर्वाचित नहीं हुई थी और उसे संप्रभु संस्था भी नही कहाँ जा सकता है । यह संविधान सभा मंत्रिमंडल मिशन योजना के आधार पर गठित की गयी थी और इसका गठन ब्रिटिश संसद द्वारा किया गया जो गलत है । भारत के संविधान...

भ्रष्टाचार का मुख्य स्रोत राजनीति क्यो है । आइये जाने - पार्ट 2

        सम्पूर्ण मतदान से होगा राजनैतिक भ्रष्टाचार मुक्त भारत हमारे राजधर्म या राजनीति , राज्य - व्यवस्था , लोकतन्त्र के आदर्श हैं - मर्यादा पुरुषोत्तम राजा राम , योगेश्वर श्रीकृष्ण , चन्द्रगुप्त , विक्रमादित्य , सम्राट अशोक , छत्रपती शिवाजी महाराज , नेताजी सुभाषचन्द्र बोस , बाल गंगाधर तिलक , गोखले, महात्मा गाँधी जी , सरदार बल्लभ भाई पटेल ( लौह पुरुष ), लाल बहादुर शास्त्री व अटल बिहारी बाजपई  आदि जैसे कई महान व राष्ट्र भक्त नेता मिले जो देश के लिए समर्पित हुवे । लेकिन आज की घटिया राजनीति मे लोकतन्त्र में , सत्ताओं के शीर्ष पर , अधिकांश भ्रष्ट , बेईमान , अमर्यादित व आपराधिक किस्म के लोग बैठे हुए है और यदि कोई देशभक्त , चरित्रवान , ईमानदार व्यक्ति राजनीति की स्वच्छता की बात करता है और निरंकुश अमर्यादित राजनीति के स्थान पर , देश मे राष्ट्रवाद की अलख जगाकर , नई क्रांति एवं नई व्यवस्था लाकर एक नया राष्ट्र बनाना चाहता है , जिसमे भ्रष्टाचार , अपराध , हिंसा व घृणा को मिटाकर , समाज मे सुख , समृद्धि व समरसता लाना चाहता है तो इन जैसे भ्रष्ट , बेईमान व अपराधी किस्म के लोगो...

भ्रष्टाचार का मुख्य स्रोत राजनीति क्यो है । आइये जाने - पार्ट 1

            सम्पूर्ण मतदान से होगा राजनैतिक भ्रष्टाचार मुक्त भारत हमने भारत को अंग्रेज़ो से तो आज़ादी ले ली पर क्या आज भी हम आज़ाद है ये सवाल हम हर एक भारतीय नागरिक को खुद से करना चाहिए क्योकि सवाल खुदसे करेंगे तभी जवाब मिलेगा । आजाद भारत मे भी शासन के नाम पर वही शोषण , अन्याय , अत्याचार एवं भ्रष्टाचार शिखर पर है , पूरे देश मे असुरक्षा एवं अविश्वास का वातावरण है । ऐसे मे एक साफ नियत वाली चिंतन की आवश्यकता है , जिससे की हम सत्ताओं के शीर्ष पर बैठे अधिकांश भ्रष्ट , बेईमान  व अपराधी किस्म के लोगो को सत्ताओ से बाहर कर देश मे एक नई आज़ादी ला सकें और देश की सत्ता राष्ट्रवादी , पराक्रमी , पारदर्शी , दूरदर्शी , मानवतावादी , अध्यात्मवादी व विनयशील , देशभक्त - ईमानदार लोगो के हांथ मे दे दिया जाए जिससे एक शक्तिशाली लोकतान्त्रिक भारत बना सकें । हम जीतने भी सांसद या विधायक चुनते है जिसे हम सरल भाषा मे जन प्रतिनिधि कहते है  जिनको हम चुनकर देश व राज्य की सत्ताओं के शीर्ष पद व संसद मे बैठाते है वह संसद राष्ट्र की शक्ति व संपत्ति का सर्वोपरि केंद्र है । देश की संसद ही...