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दिल्ली HC ने पलटा निचली अदालत का फैसला, जामिया हिंसा मामले में शरजील इमाम समेत 9 पर चलेगा केस: कोर्ट - हिंसा करना अधिकार में नहीं आता

दिल्ली :   साल 2019 जामिया हिंसा मामले में दिल्ली कोर्ट ने आज (28 मार्च 2023) निचली अदालत का फैसला पलटते हुए अपना निर्णय सुनाया। जिसमे उन्होंने 11 में से 9 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए है। इनमें शरजील इमाम, सफूरा जरगर और आसिफ इकबाल समेत 9 का नाम है। इससे पहले निचली अदालत ने 11 आरोपितों को आरोपमुक्त किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में फैसले को लेकर अपनी  याचिका डाली थी। Jamia violence discharge case | Delhi HC partially overturned trial court order and charged 9 out of 11 accused including Safoora Zargar, Sharjeel Imam under sections related to rioting, unlawful assembly, obstructing public servants and other sections. pic.twitter.com/kkkhtvYAsn — ANI (@ANI) March 28, 2023 जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने फैसला देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण रूप से एकजुट होने के अधिकार में कुछ प्रतिबंधों के अधीन है और हिंसा करना या हिंसक भाषणा देना किसी भी हाल में उस अधिकार में संरक्षित नहीं होते। कोर्ट ने आरोप तय करते हुए कुछ आरोपितों पर कहा, “वीडियो के शुरू में ही दिख रहा...

मोदी का राष्ट्रवाद क्यो है चुभता, विपक्ष की आखिर क्या है मंशा - पढ़े पूरी खबर

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने तब से आज तक विपक्ष उनकी निजी और राजनैतिक दोनों ही प्रकार से विरोध करता रहा है, ऐसा कोई भी विपक्षी दल नही जो नरेंद्र मोदी को गलत साबित या अच्छे नेता के रूप में पसंद करता हो। Narendra Modi वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की एकतरफा जीत ने विपक्ष की नींद तो वैसे ही उड़ा दी थी कि उनको सम्भालने में 5 साल लग गए और जब खड़े हुवे और चुनाव में उतरे तो 2014 से भी बुरा हाल हो गया विपक्ष का इससे ही नाराज विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी के मानो जैसे पीछे ही पड़ गया हो। विपक्ष का एक-एक नेता मोदी जी के कार्य को न देखकर सिर्फ विरोध करने लगा वो उस  हर एक मुद्दे पर गंदी राजनीति करने लगा जिससे देश और देशवासियों को नुकसान भी उठाना पड़ जाए। चाहे वो किसी बिल को लेकर हो या संविधान संशोधन को लेकर हो या सरकार के द्वारा लाई जा रही देशव्यापी योजनाओं को लेकर हो विपक्ष हर चीज़ का विरोध करने लगा। जैसा कि नरेंद्र मोदी जी का छवि एक हिन्दू हृदय एवं देशभक्त के रूप में जाना जाता है क्योकि वो राष्ट्रीय स्वयं सेवक के रूप में कई वर्षों तक सेवा का क...

TOP 5 NEWS- जो देश मे दबाई जाती है

Top 5 News मुख्य पाँच खबरें यहाँ पढ़े   देश मे दबाई जाती है नमस्कार आज हम बात करेंगे देश के मुख्य पांच खबरों के वह पांच खबर जो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व प्रिंट मीडिया पर छुपाई जाती है।  उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद लिबरल्स की नींद उड़ गई जैसा कि आप सभी जानते हैं उमर खालिद को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद को दिल्ली पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था फरवरी में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में दिल्ली के कई इलाकों में दंगे हुए थे और उमर खालिद का नाम भी उस दंगों को भड़काने या उस दंगे को करवाने के लिए षडयंत्र रचने का आरोप है     दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने  उमर खालिद पर गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया था और पुलिस ने से लगभग 11 घंटे की पूछताछ की इसके बाद एक खबर आई कि उमर खालिद दिल्ली दंगों के मामले में शामिल होने की वजह से गिरफ्तार किया गया है।  जैसे ही यह खबर न्यूज़ में आई वैसे ही लिबरल गैंग, बॉलीवुड गैंग ,टुकड़े टुकड़े गैंग सोशल मीडिया पर विधवा विलाप शुरू कर चुके हैं।    तमाम लिबरल...

भारतीय झंडे का विवाद समझे क्या है - रुपेश रजक

आज हम बात करेंगे झंडा भी बात पर आखिर भारत में यह झंडा विवाद है क्या ? और किस कारण से यह विवाद बना किस बात को लेकर झंडा का विवाद होता है किन किन नियमों को पालन करना पड़ता है यह सारी बातें आज हम बताएंगे और आप सभी से अनुरोध भी करेंगे कि इसे शेयर करें ताकि और अन्य भी लोगों को जानकारी मिली कि भारत देश के झंडे हैं उसके प्रति हमारी क्या कर्तव्य होनी चाहिए। तो जैसे हमारी पुरानी ध्वज संहिता है जिसमें प्राचीन प्रावधानों की एक लंबी सूची थी जिसमें झंडा फहराने का अधिकार को जी व्यक्तियों का विशेषाधिकार था हो सकता है यह मंत्री होंगे नेता होंगे या बड़े-बड़े उद्योगपति लेकिन वर्ष 2002 में जिंदल समूह के उपाध्यक्ष नवीन जिंदल ने झंडा फहराने के अपने अधिकार पर निबंध को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी।  दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश की तिरंगा फहराने मौलिक अधिकार है तथा इसके बाद में ध्वज संहिता के उदारीकरण के प्रश्न के परीक्षण हेतु समिति गठित करने के सर्वोच्च न्यायालय की अनुशंसा के पश्चात सरकार ने समिति गठित की समिति की अनुशंसा के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंड...

दिल्ली दंगे 2020 अनकही कहानी को प्रकाशित होने से क्यों रोका गया - मोनिका अरोड़ा

जैसा कि आप सभी जानते हैं दिल्ली में जो दंगे हुए थे उसको लेकर काफी मतभेद है और दिल्ली सरकार की मंशा के ऊपर भी बहुत सवाल उठे हैं जो कि जायज है क्योंकि जिस प्रकार से दिल्ली सरकार ने दंगों के अपराधियों को छुपाने के लिए काम किया है वह उनकी पार्टी की गाइडलाइन को फॉलो करती है। और दंगों के मास्टरमाइंड को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा देती है। वैसे हम आपको बता दें कि दिल्ली राइट 2020 अनटोल्ड स्टोरी पुस्तक का प्रकाशन पब्लिशिंग हाउस ब्लूस में बरी द्वारा किया जाना था जिसके बाद कट्टरपंथी विचारधारा व विदेशी गैंग द्वारा पब्लिशिंग हाउस को परिसर दिया गया जिसके बाद उसने पब्लिक करने से मना कर दिया जिसके बाद गरुड़ ने इसे प्रकाशित करने का फैसला किया है किया था बता दें कि पुस्तक के लिए 30,000 से अधिक पर आ चुके हैं। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर बताया है किताब की 30000 प्रतियों के आर्डर पहले ही दिए जा चुके हैं मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं दिल्ली दंगे की अनकही कहानी की 100 प्रतियां खरीद लूंगा मैं इस किताब की 100 कॉपी खरीद कर लोगों को पढ़ने को दूंगा आइए हम सब मिलकर 50000 बुकिंग का रिकॉर्ड बनाए ...

सरजीत इमाम देश विरोधी है इसका काम जानिए कैसे -दिल्ली पुलिस में दाखिल की नई चार्टसीट

नमस्कार आप शरीर में हमको तो जानते ही होंगे क्योंकि असम को भारत से अलग करने की मांग कर रहा था दिल्ली पुलिस ने दाखिल की गई चार्जशीट में बताया कि आरोपपत्र में सर्दी नाम उसके समूह के विभिन्न मस्जिदों की ने पहचान की थी और सीए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की आड़ में बड़ी संख्या में मुस्लिम लोगों को जुटाने के लिए कुछ लोगों को इन मस्जिदों में पर्चे बांटने का काम भी सौंपा था। इस्लामिक कट्टरपंथी सर जी नाम के खिलाफ दिल्ली पुलिस में नई चार्जशीट दाखिल की है । इसमें दिल्ली पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं इसमें कहा गया है कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम विरोधी प्रदर्शन को पूरे देश में फैलाना चाहता था वह बहुत ही बेताब था। आरोप - पत्र में कहा गया है कि इमाम पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्य में से एक के संपर्क में था । जिसने उसे (PFI) के सदस्य के रूप में विरोध करने का सुझाव दिया था आरोप-पत्र में कहा गया है आरोपित उच्च स्तर पर विरोध प्रदर्शन को ले जाने के लिए बहुत बेताब था जहां प्रदर्शनकारियों के सरगना ने भीड़ को अपने हाथ में ले लिया था। आगे कहा गया है कि इमाम में सिर्फ समुदाय के लोगो...