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Assam Voilence पर पूरी खबर देखें : जाने क्या है सच और क्या है झूठ

असम : में हुई झड़प को किस प्रकार से साम्प्रदायिक रंग में दिया गया ये बेहद ही शर्मनाक है, आखिर देश का एक वर्ग हमेशा देश को आग लगाने के लिए ही क्यो चाले चलता है, आखिर बुद्धिजीवियों और लेफ्ट पत्राकारों को हमेशा किसी भी पुलिस कार्यवाही में धर्म क्यो नजर आता है वो उस घटना के पहलू पर जाने की क्यो नही सोचते है। आखिर उनके राजनीति व TRP के चक्कर मे आम आदमी आपस मे लड़ जाता है, ऐसा कब तब इस देश का एल धड़ा ऐसा कार्य करता रहेगा। पढ़े पूरी रिपोर्ट इस घटना क्रम के बारे में . असम के दरांग जिले के सिपाझार में गुरुवार को अतिक्रमण हटाने को लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस झड़प में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। इसके अलावा नौ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की खबर है। ये झड़प तब हुई जब पुलिसकर्मियों की एक टीम अतिक्रमण हटाने के लिए इलाके में गई थी। असम सरकार ने दरांग जिले के सिपाझार के गोरुखुटी गांव में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया था। इसके तहत करीब 800 परिवारों को हटाया गया। असम सरकार का दावा है कि ये लोग यहां अतिक्रमण करके रह रहे थे। इस गांव में ज्यादातर पूर्वी बंगाल मूल के ...

मोदी का राष्ट्रवाद क्यो है चुभता, विपक्ष की आखिर क्या है मंशा - पढ़े पूरी खबर

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने तब से आज तक विपक्ष उनकी निजी और राजनैतिक दोनों ही प्रकार से विरोध करता रहा है, ऐसा कोई भी विपक्षी दल नही जो नरेंद्र मोदी को गलत साबित या अच्छे नेता के रूप में पसंद करता हो। Narendra Modi वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की एकतरफा जीत ने विपक्ष की नींद तो वैसे ही उड़ा दी थी कि उनको सम्भालने में 5 साल लग गए और जब खड़े हुवे और चुनाव में उतरे तो 2014 से भी बुरा हाल हो गया विपक्ष का इससे ही नाराज विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी के मानो जैसे पीछे ही पड़ गया हो। विपक्ष का एक-एक नेता मोदी जी के कार्य को न देखकर सिर्फ विरोध करने लगा वो उस  हर एक मुद्दे पर गंदी राजनीति करने लगा जिससे देश और देशवासियों को नुकसान भी उठाना पड़ जाए। चाहे वो किसी बिल को लेकर हो या संविधान संशोधन को लेकर हो या सरकार के द्वारा लाई जा रही देशव्यापी योजनाओं को लेकर हो विपक्ष हर चीज़ का विरोध करने लगा। जैसा कि नरेंद्र मोदी जी का छवि एक हिन्दू हृदय एवं देशभक्त के रूप में जाना जाता है क्योकि वो राष्ट्रीय स्वयं सेवक के रूप में कई वर्षों तक सेवा का क...

कांग्रेस में संकट: छत्तीसगढ़ में क्या हुआ, राजस्थान और पंजाब में क्या होने वाला है- पढ़े पूरी खबर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री  टी. एस. सिंहदेव के बीच सरकार चलाने के लिए ढाई -ढाई साल के फार्मूले का विवाद जो सामने आया था वह अब भी बरकरार है क्योंकि आज के हुए बैठक में कोई भी निर्णय या कोई भी ऐसा फैसला एक पक्ष की ओर नहीं लिया गया है दोनों नेताओं के बीच इस फार्मूले को लेकर लंबे समय से चल रहे नाटकीय घटनाक्रमों के बाद जिस तरह से मतभेद सामने आए हैं राहुल गांधी को इस मामले में दखल देना पड़ा हालांकि अभी भी ऐसा कोई संकेत नहीं मिल रहा है जिससे यह लगे कि दोनों नेताओं ने अपने मतभेदों को खत्म कर दिया है क्योंकि टी. एस. सिंहदेव को अभी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने की जिद  छोड़ने के लिए समझा दिया गया है लेकिन माना जा रहा है कि कुछ समय बाद यह फिर आवाज अपनी बुलंद कर सकते हैं।   वैसे  कांग्रेस के लिए सीएम की कुर्सी के दावेदारी वाली बात कोई नई नहीं है क्योंकि राजस्थान पंजाब और छत्तीसगढ़ इन तीनों राज्य में कांग्रेस के लिए विधानसभा चुनाव जीतने के बाद ही संकट सामने आने लगी थी क्योंकि तीनों राज्यों में कांग्रेस की तरफ से दावेदार का च...

मनोज मुंतशिर ने अपने वीडियो के जरिये पूछा सवाल तो वामपंथी सदस्य हो गए नाराज करने लगे गाली गलोच ' अखबार का शासन सर्वश्रेष्ठ तो रामराज्य क्या है ? - पढ़िए पूरी खबर

  मनोज मुंतशिर ने कहा, "शासक के रूप में उनका कार्यकाल इतिहास में सबसे अच्छा कैसे होगा जब हजारों हिंदुओं को इस्लाम में परिवर्तित नहीं करने के लिए मार दिया गया था। अगर उनका कार्यकाल सबसे अच्छा था, तो राम राज्य क्या था?” Manoj Muntashir कवि मनोज मुंतशिर ने अपने वीडियो में मुगल शासन    बर्बरता का खुलासा किया है जिसके बाद उन्हें लिबरलों,   इस्लामियों और वामपंथी   इतिहासकारों के नफ़रत का शिकार होना  पड़ रहा है। क्यकि  जिस पोस्ट में उन्होंने वीडियो को प्रमोट किया उस पर काफी सारे अभद्र  टिप्पणी    किए गए है । इतना ही नहीं इतिहासकार  इरफान हबीब  तथाकथित पौराणिक कथाकार देवदत्त पटनायक और आरजे फहद उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीयों के खिलाफ मुगल आक्रमणकारियों की बर्बरता के बारे में बोलने पर कवि मनोज को खारिज किया। कहीं ऐसा तो नहीं कि हम अपने पूर्वजों के बारे में गुमराह कर दिए गए? https://t.co/JoSZ5KSo5e pic.twitter.com/bqAXClVnyt — Manoj Muntashir (@manojmuntashi...

उद्धव ठाकरे के सामने भाजपा गिड़गिड़ाए, पूर्व मुख्यमंत्री को खाते वक्त उठाकर ले गए जेल।- पढ़े पूरी खबर

महाराष्ट्र:   इन दिनों महाराष्ट्र में कुछ ऐसा उठा पठक हो रहा है जो महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दिया है। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री तथा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के विरुद्ध बचकानी बेहूदा पुलिस कार्रवाई कर के उद्धव ठाकरे ने आज वह बीज बो दिया है जिसका बहुत कडुआ फल उसको बहुत जल्दी ही खाना पड़ेगा। उद्धव ठाकरे के लिए स्थिति और ज्यादा गम्भीर इसलिए भी होगी क्योंकि भारतीय राजनीति में अब कोई अटल बिहारी बाजपेयी नहीं है। जिन बाला साहब ठाकरे का नगाड़ा बजा बजाकर उद्धव ठाकरे आजकल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पर डटा हुआ है उन बाला साहब ठाकरे के साथ इसी मुम्बई में छगन भुजबल ने जुलाई 2000 में क्या और कैसा बर्ताव किया था उसे पूरे देश ने देखा था। वह नजारा लिखने में भी मुझे संकोच हो रहा है। छगन भुजबल पुलिस की भारी भरकम टीम को बाल ठाकरे के घर भेजकर उन्हें घसीटते हुए जेल के सींखचों के पीछे बंद कर देने की जिद्द पर अड़ गया था। आज नारायण राणे और भाजपा कार्यलयों पर पत्थरबाजी करने पहुंचे शिवसेना के गुंडे उस समय छगन भुजबल के डर से थर थर कांप रहे थे और गधे के सिर से सींग की तरह ...