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सुप्रीम कोर्ट: प्राइवेट अस्पतालों के रेट पर लगाम लगाए केंद्र सरकार नही तो हमको करना पड़ेगा। पढ़े पूरी खबर

सुप्रीम कोर्ट ने प्राइवेट अस्पतालों के जरिए वसूले जाने वाले मनमानी पैसे को लेकर नाराजगी व्यक्त की है. अदालत ने 14 साल पुराने कानून 'क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट (सेंट्रल गवर्नमेंट)' नियमों को लागू करने में केंद्र की असमर्थता को लेकर कड़ी आपत्ति जताई. नियमों के तहत राज्यों से सलाह के बाद महानगरों, शहरों और कस्बों में बीमारियों के इलाज और उपचार के लिए एक स्टैंडर्ड रेट का नोटिफिकेशन जारी करना अनिवार्य है.  @shutupvirodhi सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर केंद्र सरकार इस समस्या का समाधान ढूंढने में विफल होती है, तो हम देशभर में मरीजों के इलाज के लिए CGSH-निर्धारित स्टैंडर्ड रेट को लागू करने के लिए याचिकाकर्ता की याचिका पर विचार करेंगे.'

एक लड़की आगे-एक लड़की पीछे, बीच में बैठ एक चक्के पर बाइक दौड़ा रहा था फैयाज कादरी, मुंबई पुलिस ने भेजा जेल

सोशल मीडिया एक पर एक खतरनाक बाइक स्टंट वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने रविवार (2 अप्रैल 2023) को बीकेसी (बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स) पुलिस स्टेशन में फैयाज कादरी और दोनों युवतियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 (तेजी से गाड़ी चलाना) और 336 (जीवन को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें   गिरफ्तार  किया। युवतियों पर आईपीसी की धारा 114 (अपराध में शामिल होने) के संबंध में भी मामला दर्ज किया गया है। Source- Viral Video Screen Shot (Faiyaz Kadri) यह वीडियो 13 सेकेंड का है। इसमें फैयाज कादरी दो युवतियों के साथ बाइक पर खतरनाक स्टंट कर रहा है। फैयाज कादरी ने हेलमेट नहीं पहना हुआ है। वीडियो में फैयाज बाइक को एक पहिए से कई मीटर तक काफी तेज स्पीड में चलाता है, जबकि साथ बैठी लड़कियों उसे रोकने के बजाए उसके इस खतरनाक स्टंट पर हँसती हुई नजर आ रही हैं। मुंबई पुलिस ने बताया कि बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर फैयाज कादरी को उसके एंटॉप हिल स्थित आवास से गिरफ्तार किया। जाँच करने पर पता चला कि वीडियो दिसंबर 2022 का है। इस अपराध क...

दिल्ली HC ने पलटा निचली अदालत का फैसला, जामिया हिंसा मामले में शरजील इमाम समेत 9 पर चलेगा केस: कोर्ट - हिंसा करना अधिकार में नहीं आता

दिल्ली :   साल 2019 जामिया हिंसा मामले में दिल्ली कोर्ट ने आज (28 मार्च 2023) निचली अदालत का फैसला पलटते हुए अपना निर्णय सुनाया। जिसमे उन्होंने 11 में से 9 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए है। इनमें शरजील इमाम, सफूरा जरगर और आसिफ इकबाल समेत 9 का नाम है। इससे पहले निचली अदालत ने 11 आरोपितों को आरोपमुक्त किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में फैसले को लेकर अपनी  याचिका डाली थी। Jamia violence discharge case | Delhi HC partially overturned trial court order and charged 9 out of 11 accused including Safoora Zargar, Sharjeel Imam under sections related to rioting, unlawful assembly, obstructing public servants and other sections. pic.twitter.com/kkkhtvYAsn — ANI (@ANI) March 28, 2023 जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने फैसला देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण रूप से एकजुट होने के अधिकार में कुछ प्रतिबंधों के अधीन है और हिंसा करना या हिंसक भाषणा देना किसी भी हाल में उस अधिकार में संरक्षित नहीं होते। कोर्ट ने आरोप तय करते हुए कुछ आरोपितों पर कहा, “वीडियो के शुरू में ही दिख रहा...

अतीक अहमद दोषी करार, उमेश पाल की किडनैपिंग में , MP-MLA कोर्ट के बाहर ‘जूतों की माला’ से हो रहा इंतजार

यूपी :  माफिया अतीक अहमद को प्रयागराज कोर्ट ने उमेश पाल के अपहरण के मामले में दोषी करार दिया है। बता दें कि विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में उमेश पाल गवाह थे, जिनका अपहरण कर उन्हें डराया-धमकाया गया था। हालाँकि, फरवरी 2023 में, अपहरण की घटना के 17 साल बाद उमेश पाल की अतीक अहमद और उसके परिवार ने हत्या भी करा दी। इसी बीच प्रयागराज MP-MLA कोर्ट के बाहर एक व्यक्ति जूतों की माला लेकर खड़ा था। उसने दावा किया कि वो अतीक अहमद को ये माला पहनाना चाहता है। उसने ये भी दावा किया कि ये जूते उमेश पाल के परिवार वालों के हैं। हालाँकि, अतीक अहमद को पुलिस वाले घेरे हुए थे। 25 जनवरी, 2005 को राजू पल की  हत्या कर दी  गई थी। उमेश पाल की पत्नी की शिकायत पर धूमनगंज पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया था। जब राज्य में समाजवादी पार्टी का शासनकाल था तब प्रयागराज में अतीक अहमद की तूती बोलती थी। लोकसभा चुनाव 2004  में वो फूलपुर से जीता था। वो इलाहाबद पश्चिम सीट से लगातार 5 बार विधायक भी रह चुका है। उसके खिलाफ 100 से भी अधिक आपराधिक मामले चल रहे हैं। उसकी बीवी शाइस्ता परवीन भी उमेश...

क्या सच मे भारत की महिलाएं सुरक्षित है- पढ़े पूरी खबर

 भारत में बहुत ही आम हो चुकी एक घटना :- जरही-भटगाँव में 24-03-2022 को हुए एक बलात्कार, व उसके बाद निर्मम तरीक़े से बालिका की हत्या करने की घटना सामने आयी है, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछ-ताछ की, जिसमें आरोपी द्वारा अपराध स्वयं द्वारा किए जाने की बात स्वीकार की है। आरोपी पे ‘भारतीय दंड संहिता’(IPC) sec.450,376,302, की धाराओं के साथ दंडात्मक कार्यवाही शुरू की जा चुकी है, प्रक्रिया पूर्ण होने पर माननीय दंडाधिकारी महोदय द्वारा आरोपी को ‘भारतीय संविधान, में उल्लेखित नियमो व प्रावधानो के अनुसार दंडित कर जेल भेज दिया जाएगा,आरोपी अपने शेष जीवन के कुछ वर्ष, या अपना सम्पूर्ण जीवन जेल में व्यतीत करेगा, किन्ही चुनिंदा बलात्कार के मामलों में फाँसी की सजा दी जाती है। पर, क्या यह दण्ड पर्याप्त है? एक ऐसे विकृत मानसिकता के व्यक्ति की जो अपनी आज़ादी का ग़लत फ़ायदा उठा कर किसी लड़की के जीवन को ऐसे भयानक तरीक़े से रौंद डालता है जिसे कभी भी उसके परिवार और करीबी लोग भूल ना सकेंगे, एक सुरक्षित समाज की संकल्पना कैसे की जाए? 2013 में हुए निर्भया कांड के आरोपियों को हमारी उच्चतम न्यायालय द्वारा 7 ...

Assam Voilence पर पूरी खबर देखें : जाने क्या है सच और क्या है झूठ

असम : में हुई झड़प को किस प्रकार से साम्प्रदायिक रंग में दिया गया ये बेहद ही शर्मनाक है, आखिर देश का एक वर्ग हमेशा देश को आग लगाने के लिए ही क्यो चाले चलता है, आखिर बुद्धिजीवियों और लेफ्ट पत्राकारों को हमेशा किसी भी पुलिस कार्यवाही में धर्म क्यो नजर आता है वो उस घटना के पहलू पर जाने की क्यो नही सोचते है। आखिर उनके राजनीति व TRP के चक्कर मे आम आदमी आपस मे लड़ जाता है, ऐसा कब तब इस देश का एल धड़ा ऐसा कार्य करता रहेगा। पढ़े पूरी रिपोर्ट इस घटना क्रम के बारे में . असम के दरांग जिले के सिपाझार में गुरुवार को अतिक्रमण हटाने को लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस झड़प में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। इसके अलावा नौ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की खबर है। ये झड़प तब हुई जब पुलिसकर्मियों की एक टीम अतिक्रमण हटाने के लिए इलाके में गई थी। असम सरकार ने दरांग जिले के सिपाझार के गोरुखुटी गांव में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया था। इसके तहत करीब 800 परिवारों को हटाया गया। असम सरकार का दावा है कि ये लोग यहां अतिक्रमण करके रह रहे थे। इस गांव में ज्यादातर पूर्वी बंगाल मूल के ...

महाराष्ट्र के ठाणे में पिछले आठ महीनों में 15 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया

  मुंबई : महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पिछले आठ महीनों में 15 वर्षीय किशोरी से अलग-अलग स्थानों पर कथित तौर पर कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया गया. पुलिस ने इस संबंध में अभी तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है तथा दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है. मुंबई के ठाणे में एक नाबालिक के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने की घटना एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि लड़की की शिकायत पर कल्याण के डोम्बिवली में मनपाडा पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म), 376 (एन) (बार-बार दुष्कर्म), 376 (डी) (सामूहिक दुष्कर्म), 376 (3) (16 साल की कम उम्र की लड़की से दुष्कर्म) और बाल यौन अपराध संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम की धाराओं के तहत 33 आरोपियों के खिलाफ बुधवार को एक मामला दर्ज किया गया. उन्होंने बताया कि अपराध में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है. एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार लोगों को बृहस्पतिवार को एक अदालत में पेश किया गया और उन्हें 29 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए, भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने मांग की कि महाराष्ट्र सरकार ऐसे अपर...

उद्धव ठाकरे के सामने भाजपा गिड़गिड़ाए, पूर्व मुख्यमंत्री को खाते वक्त उठाकर ले गए जेल।- पढ़े पूरी खबर

महाराष्ट्र:   इन दिनों महाराष्ट्र में कुछ ऐसा उठा पठक हो रहा है जो महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दिया है। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री तथा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के विरुद्ध बचकानी बेहूदा पुलिस कार्रवाई कर के उद्धव ठाकरे ने आज वह बीज बो दिया है जिसका बहुत कडुआ फल उसको बहुत जल्दी ही खाना पड़ेगा। उद्धव ठाकरे के लिए स्थिति और ज्यादा गम्भीर इसलिए भी होगी क्योंकि भारतीय राजनीति में अब कोई अटल बिहारी बाजपेयी नहीं है। जिन बाला साहब ठाकरे का नगाड़ा बजा बजाकर उद्धव ठाकरे आजकल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पर डटा हुआ है उन बाला साहब ठाकरे के साथ इसी मुम्बई में छगन भुजबल ने जुलाई 2000 में क्या और कैसा बर्ताव किया था उसे पूरे देश ने देखा था। वह नजारा लिखने में भी मुझे संकोच हो रहा है। छगन भुजबल पुलिस की भारी भरकम टीम को बाल ठाकरे के घर भेजकर उन्हें घसीटते हुए जेल के सींखचों के पीछे बंद कर देने की जिद्द पर अड़ गया था। आज नारायण राणे और भाजपा कार्यलयों पर पत्थरबाजी करने पहुंचे शिवसेना के गुंडे उस समय छगन भुजबल के डर से थर थर कांप रहे थे और गधे के सिर से सींग की तरह ...