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मोदी का राष्ट्रवाद क्यो है चुभता, विपक्ष की आखिर क्या है मंशा - पढ़े पूरी खबर

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने तब से आज तक विपक्ष उनकी निजी और राजनैतिक दोनों ही प्रकार से विरोध करता रहा है, ऐसा कोई भी विपक्षी दल नही जो नरेंद्र मोदी को गलत साबित या अच्छे नेता के रूप में पसंद करता हो।

Narendra Modi

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की एकतरफा जीत ने विपक्ष की नींद तो वैसे ही उड़ा दी थी कि उनको सम्भालने में 5 साल लग गए और जब खड़े हुवे और चुनाव में उतरे तो 2014 से भी बुरा हाल हो गया विपक्ष का इससे ही नाराज विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी के मानो जैसे पीछे ही पड़ गया हो।

विपक्ष का एक-एक नेता मोदी जी के कार्य को न देखकर सिर्फ विरोध करने लगा वो उस  हर एक मुद्दे पर गंदी राजनीति करने लगा जिससे देश और देशवासियों को नुकसान भी उठाना पड़ जाए। चाहे वो किसी बिल को लेकर हो या संविधान संशोधन को लेकर हो या सरकार के द्वारा लाई जा रही देशव्यापी योजनाओं को लेकर हो विपक्ष हर चीज़ का विरोध करने लगा।

जैसा कि नरेंद्र मोदी जी का छवि एक हिन्दू हृदय एवं देशभक्त के रूप में जाना जाता है क्योकि वो राष्ट्रीय स्वयं सेवक के रूप में कई वर्षों तक सेवा का कार्य कर चुके है और वो उन सभी आंदोलनों में शामिल भी हुवा करते थे जो आतंकवाद के खिलाफ होता था।

गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुवे वो देश के सैनिकों से त्योहार के मौके पर उनसे मिलकर समय बिताते थे जिससे कि कुछ लोगो को दिक्कत आने लगी कि ये नेता देश के जवानों को इतनी इज्जत क्यो देता है क्योंकि उनके लिए तो देश का जवान मात्रा एक इंसान व वेतन लेने वाला कर्मचारी नजर आता था लेकिन मुख्यमंत्री मोदी को वो सभी जवान उनके और देशवाशियों के रक्षक नजर आते थे जिसके कारण वो उनको इतनी इज्जत व इतना सम्मान देते थे।


बस इन्ही सब बातों से विपक्ष को चिंता होने लगी और वो एक नकारात्मक शैली नरेंद्र मोदी की प्रस्तुत करने की योजना में लगे रहे और समय समय पर वो सभी विपक्ष योजना को लागू कर देते है जिससे कि मोदी की छवि धूमिल कर सके और ऐसा कुछ हद तक होता भी है क्योंकि लोगो के समझने में समय लग जाता है और लोग किसी के इरादों को समझ नही पाते और भूल कर जाते है।

वैसे तो प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके द्वारा लिया गया कदम कई मानों में देश के विकाश के लिए खिंची गयी ऐसी रेखा है जिसपर चला जाये तो भारत का भविष्य बहोत ही उज्जवल होगा और हमारे आने वाली पीढ़ी हमे दोष नही देगी बल्कि दुवाएं देगी परन्तु ऐसा हो सके तब क्योकि विपक्ष के विरोध के कारण कई योजना रुक गयी है जिससे लागू करना सिर्फ केंद्र सरकार के हाथ मे नही होता।

वैसे तो देश मे नरेंद्र मोदी का नाम देशभक्त के रूप में इसलिए भी शामिल है क्योंकि उनकी सरकार के द्वारा जम्मू और कश्मीर का मुद्दा बिना किसी जंग के सुलझ गया और राम मंदिर जैसे सालों से चली आ रही केस का शांति से हल निकाल लेना ये भी एक बोहोत कठिन कार्य था जिससे नरेंद्र मोदी ने कर दिखाया और इन्ही सब कारण से विपक्ष को नरेंद्र मोदी की देशभक्ति चुभती है।

ये कैसा प्रधानमंत्री है जो ईमानदारी के नाम पर देश बदल रहा है सभी को सच्चाई के राह पर चलने की शिक्षा दे रहा है लोगो को भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए बोल रहा है खुद में देशभक्त बनने की इक्षा जागृत करने को बोल रहा है ऐसा कैसे कर सकता है ये आदमी ये आदमी नेताओ की पूरी जिंदगी बर्बाद कर देगा इसलिए विपक्ष नही चाहता कि देश मे एक ईमानदार नेता काम करे।

इसलिए समय समय पर देश विरोधी लोगो पाकिस्तान हो या चीन इन सभी देशों का साथ देना चाहती है विपक्ष और देश मे अपने पार्टी की सरकार देखना चाहते है ये लोग ताकि ये लोग देश को बेच नही खोखला कर सके, जैसा अफगानिस्तान में हुवा आज अफगानिस्तान की जो हालात हुई है वो एक ईमानदार नेतृत्व न होने के कारण हुई है आज हमारे भारत के तरफ जो भी देश देखेगा उसे हमारी सेना मुँह तोड़ जवाब देगी ऐसी छमता इस सरकार ने उनको मुहैय्या कराई है।

और देश का विपक्ष चाहता है देश को बर्बाद कर दिया जाए इसलिए वो आतंकवादियों का साथ लेफ्ट वालों का साथ कट्टरपंथी लोगो का साथ बेईमान लोगो का साथ देती हैं ताकि केंद्र की स्थित सरकार को हटाए और देश को बर्बाद कर सके।

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