सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मनोज मुंतशिर ने अपने वीडियो के जरिये पूछा सवाल तो वामपंथी सदस्य हो गए नाराज करने लगे गाली गलोच ' अखबार का शासन सर्वश्रेष्ठ तो रामराज्य क्या है ? - पढ़िए पूरी खबर

 मनोज मुंतशिर ने कहा, "शासक के रूप में उनका कार्यकाल इतिहास में सबसे अच्छा कैसे होगा जब हजारों हिंदुओं को इस्लाम में परिवर्तित नहीं करने के लिए मार दिया गया था। अगर उनका कार्यकाल सबसे अच्छा था, तो राम राज्य क्या था?”

Manoj Muntashir


कवि मनोज मुंतशिर ने अपने वीडियो में मुगल शासन  बर्बरता का खुलासा किया है जिसके बाद उन्हें लिबरलों, इस्लामियों और वामपंथी  इतिहासकारों के नफ़रत का शिकार होना पड़ रहा है। क्यकि  जिस पोस्ट में उन्होंने वीडियो को प्रमोट किया उस पर काफी सारे अभद्र टिप्पणी  किए गए है । इतना ही नहीं इतिहासकार इरफान हबीब तथाकथित पौराणिक कथाकार देवदत्त पटनायक और आरजे फहद उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीयों के खिलाफ मुगल आक्रमणकारियों की बर्बरता के बारे में बोलने पर कवि मनोज को खारिज किया।


कवि द्वारा शेयर किए गए वीडियो की एक क्लिप में वह यह पूछते हुए दिखाई दे रहे थे कि हम भारतीय अपनी विरासत की विकृति को कैसे स्वीकार कर सकते हैं। उन्होंने पूछा कि हजारों भारतीयों को मारने वाले आक्रमणकारियों और लुटेरों को नायक के रूप में कैसे दिखाया जा सकता है। उन्होंने मुगलों की ‘महिमामंडित डकैतों’  के रूप में आलोचना की। उन्होंने लोगों से अपनी विरासत को पहचानने और बर्बर एवं लुटेरों को नायकों के रूप में महिमामंडित करने से बचने के लिए कहा।


वामपंथी ‘इतिहासकार’ इरफान हबीब ने कहा, “एक कवि और लेखक को इतिहास के रूप में संदिग्ध और काल्पनिक तर्कों का उपयोग करके जहर उगलते हुए देखना दुखद है।”

दिलचस्प बात यह है कि तथाकथित पौराणिक कथाकार देवदत्त पटनायक ने मनोज को इतिहास का पाठ पढ़ाने के लिए विकिपीडिया का इस्तेमाल किया। उसने कहा, “इस आदमी को इतिहास किसने पढ़ाया? वह बंगाल पर मराठा आक्रमण को क्या कहेंगे?” इस दौरान पटनायक ने विकिपीडिया का लिंक भी शेयर किया।

आरजे फहद ने रेख्ता के लिए मनोज का साक्षात्कार लेने पर खेद व्यक्त किया और कहा, “मुझे खेद है कि मैंने रेख्ता के लिए इस नफरत फैलाने वाले और धर्मांध व्यक्ति का साक्षात्कार लिया। इतना जहर कहाँ से लाते हैं ये लोग?”

मनोज द्वारा शेयर किए गए हालिया वीडियो में क्या है?

हाल ही में मनोज मुंतशिर ने अपने यूट्यूब चैनल पर जो वीडियो शेयर किया है उसमें उन्होंने धर्म, जाति और अन्य बाधाओं से परे नायकों को चुनने की बात की। उन्होंने मुगलों के इतिहास को ‘गौरवशाली’ बताकर पढ़ाने और हिंदुओं के खिलाफ हुए अत्याचारों को छुपाने पर इतिहासकारों और शिक्षकों से सवाल किया। मनोज ने पूछा कि अकबर द्वारा हिंदुओं पर जजिया हटाने का जिक्र क्यों है, जबकि इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि शासक के रूप में उसने अपने कार्यकाल के दौरान फिर से जजिया लगाया था।

साथ ही, उन्होंने सवाल किया कि जब किताबों में ‘ग’ से गणेश हटा कर ‘ग’ से गधा लिख दिया गया तो किसी ने आपत्ति क्यों नहीं की। मनोज ने कहा कि रावण के ब्राह्मण होने के बावजूद कोई भी ब्राह्मण उसकी पूजा नहीं करता, क्योंकि वह दुष्ट था। उन्होंने कहा कि हमें अपने नायकों को उनके कर्मों के आधार पर चुनना चाहिए, न कि उनकी पहचान के आधार पर। उन्होंने वर्षों से तथाकथित इतिहासकारों और सरकारों द्वारा किए गए ज़बरदस्त मुगल महिमामंडन के खिलाफ बात की थी।

उन्होंने अकबर के कार्यकाल को भारतीय इतिहास में सर्वश्रेष्ठ कहने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “शासक के रूप में उनका कार्यकाल इतिहास में सबसे अच्छा कैसे होगा जब हजारों हिंदुओं को इस्लाम में परिवर्तित नहीं करने के लिए मार दिया गया था। अगर उनका कार्यकाल सबसे अच्छा था, तो राम राज्य क्या था?” मनोज ने उन नेताओं पर सवाल उठाया जिन्होंने इस तथ्य की अनदेखी करते हुए कि मुगलों ने हजारों हिंदुओं को बेरहमी से मार डाला और मंदिरों को नष्ट कर दिया, मुगलों के नाम पर सड़कों का खुशी-खुशी उद्घाटन किया।


हमसे जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर जाए 🙏🙏


हमारे अन्य खबर पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर जाये। 




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्वरा भास्कर" न घर की न घाट की" आंबेडकरवादी, लेफ्ट वाले उसके ही पढ़ गए पीछे- जाने पूरी खबर

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर को इन दिनों खुद के बनाये गए चरित्र के कारण गाली खानी पड़ रही है क्योकि जिन मुद्दों को लेकर वो हमेशा चर्चा में रहती है वो उसमे डुबकी लगती हुई नजर आई जिससे उनके प्रसंसक लोग चीड़ गए और उन्हें बुरा भला कहना प्रारम्भ कर दिया। Praying to my Hindu Gods & still don’t want to kill or lynch Dalits or Muslims, still don’t believe in or practice discrimination, still believe in social justice, Liberty & equality. Still can raise my voice against injustice, hate & bigotry. Shockingly, it’s possible! 🤓💜✨ pic.twitter.com/IYf9HsIvps — Swara Bhasker (@ReallySwara) August 27, 2021 ऐसा हुआ इसलिए कि हाल ही में अपने नए घर के लिए गृह प्रवेश समारोह के दौरान की गई पूजा की कुछ तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया में साझा की थीं। उनकी राजनीतिक हरकतों को देखते हुवे तस्वीरे कुछ अजीब लगी लेकिन उनका हिन्दू सभ्यता से जुड़ा रहना एक तरफ से ठीक भी लगा। क्योकि ऐसा भारत की राजनीति में बोहोत कब होता है कि कोई लिबरल अपने हिन्दू सभ्यता का जश्न मनाते हुवे देखा जाए। तस्वीरें अच्छी थी, ले...

कांग्रेस में संकट: छत्तीसगढ़ में क्या हुआ, राजस्थान और पंजाब में क्या होने वाला है- पढ़े पूरी खबर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री  टी. एस. सिंहदेव के बीच सरकार चलाने के लिए ढाई -ढाई साल के फार्मूले का विवाद जो सामने आया था वह अब भी बरकरार है क्योंकि आज के हुए बैठक में कोई भी निर्णय या कोई भी ऐसा फैसला एक पक्ष की ओर नहीं लिया गया है दोनों नेताओं के बीच इस फार्मूले को लेकर लंबे समय से चल रहे नाटकीय घटनाक्रमों के बाद जिस तरह से मतभेद सामने आए हैं राहुल गांधी को इस मामले में दखल देना पड़ा हालांकि अभी भी ऐसा कोई संकेत नहीं मिल रहा है जिससे यह लगे कि दोनों नेताओं ने अपने मतभेदों को खत्म कर दिया है क्योंकि टी. एस. सिंहदेव को अभी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने की जिद  छोड़ने के लिए समझा दिया गया है लेकिन माना जा रहा है कि कुछ समय बाद यह फिर आवाज अपनी बुलंद कर सकते हैं।   वैसे  कांग्रेस के लिए सीएम की कुर्सी के दावेदारी वाली बात कोई नई नहीं है क्योंकि राजस्थान पंजाब और छत्तीसगढ़ इन तीनों राज्य में कांग्रेस के लिए विधानसभा चुनाव जीतने के बाद ही संकट सामने आने लगी थी क्योंकि तीनों राज्यों में कांग्रेस की तरफ से दावेदार का च...

CG. धोबी समाज का एकदिवसीय वार्षिक अधिवेशन एवं संत गाडगे जयंती सम्पन्न

पाटन राज धोबी समाज का एकदिवसीय वार्षिक अधिवेशन एवं संत गाडगे जयंती सम्पन्न : पाटन : पाटन राज धोबी समाज का एकदिवसीय वार्षिक अधिवेशन एवं संत गाडगे जयंती  का आयोजन किकिरमेटा में रविवार को सम्पन्न हुआ। प्रथम सत्र का शुभारंभ सुबह 10 बजे मुख्य अतिथि नेतराम निषाद सरपंच, अध्यक्षता डॉ. धर्मेंद्र निर्मल,अध्यक्ष पाटन राज ,विशिष्ट अतिथि लक्ष्मण निर्मल पूर्व अध्यक्ष, पोशु राम निर्मलकर, कृपा राम निर्मलकर बुधारू राम निषाद, बिसेश्वर साहू,चन्द्रप्रकाश निर्मलकर थे । मंचस्थ अतिथियों के द्वारा समाज के ईस्ट शिवशंकर जी,नातिन धोबिन दाई, संत गाडगे महराज के छाया चित्रों पर पुष्प माला अर्पित कर, दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। समाज के महिलाओं के द्वारा भव्य कलश यात्रा पूरे गांव का भ्रमण किया। समाज के बच्चों के द्वारा मनमोहक संस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। दोपहर के भोजन के पश्चात द्वितीय सत्र प्रारम्भ किया जिससे मुख्य अतिथि राष्ट्रीय रजक महासंघ उपाध्यक्ष प्रभुनाथ बैठा, अध्यक्षता पाटन राज धोबी संघ अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र निर्मलकर विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष विश्राम निर्मलकर,महासचिव चूड़ामण...

उद्धव ठाकरे के सामने भाजपा गिड़गिड़ाए, पूर्व मुख्यमंत्री को खाते वक्त उठाकर ले गए जेल।- पढ़े पूरी खबर

महाराष्ट्र:   इन दिनों महाराष्ट्र में कुछ ऐसा उठा पठक हो रहा है जो महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दिया है। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री तथा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के विरुद्ध बचकानी बेहूदा पुलिस कार्रवाई कर के उद्धव ठाकरे ने आज वह बीज बो दिया है जिसका बहुत कडुआ फल उसको बहुत जल्दी ही खाना पड़ेगा। उद्धव ठाकरे के लिए स्थिति और ज्यादा गम्भीर इसलिए भी होगी क्योंकि भारतीय राजनीति में अब कोई अटल बिहारी बाजपेयी नहीं है। जिन बाला साहब ठाकरे का नगाड़ा बजा बजाकर उद्धव ठाकरे आजकल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पर डटा हुआ है उन बाला साहब ठाकरे के साथ इसी मुम्बई में छगन भुजबल ने जुलाई 2000 में क्या और कैसा बर्ताव किया था उसे पूरे देश ने देखा था। वह नजारा लिखने में भी मुझे संकोच हो रहा है। छगन भुजबल पुलिस की भारी भरकम टीम को बाल ठाकरे के घर भेजकर उन्हें घसीटते हुए जेल के सींखचों के पीछे बंद कर देने की जिद्द पर अड़ गया था। आज नारायण राणे और भाजपा कार्यलयों पर पत्थरबाजी करने पहुंचे शिवसेना के गुंडे उस समय छगन भुजबल के डर से थर थर कांप रहे थे और गधे के सिर से सींग की तरह ...