मनोज मुंतशिर ने अपने वीडियो के जरिये पूछा सवाल तो वामपंथी सदस्य हो गए नाराज करने लगे गाली गलोच ' अखबार का शासन सर्वश्रेष्ठ तो रामराज्य क्या है ? - पढ़िए पूरी खबर
मनोज मुंतशिर ने कहा, "शासक के रूप में उनका कार्यकाल इतिहास में सबसे अच्छा कैसे होगा जब हजारों हिंदुओं को इस्लाम में परिवर्तित नहीं करने के लिए मार दिया गया था। अगर उनका कार्यकाल सबसे अच्छा था, तो राम राज्य क्या था?”
कवि मनोज मुंतशिर ने अपने वीडियो में मुगल शासन बर्बरता का खुलासा किया है जिसके बाद उन्हें लिबरलों, इस्लामियों और वामपंथी इतिहासकारों के नफ़रत का शिकार होना पड़ रहा है। क्यकि जिस पोस्ट में उन्होंने वीडियो को प्रमोट किया उस पर काफी सारे अभद्र टिप्पणी किए गए है । इतना ही नहीं इतिहासकार इरफान हबीब तथाकथित पौराणिक कथाकार देवदत्त पटनायक और आरजे फहद उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीयों के खिलाफ मुगल आक्रमणकारियों की बर्बरता के बारे में बोलने पर कवि मनोज को खारिज किया।
कहीं ऐसा तो नहीं कि हम अपने पूर्वजों के बारे में गुमराह कर दिए गए?https://t.co/JoSZ5KSo5e pic.twitter.com/bqAXClVnyt
— Manoj Muntashir (@manojmuntashir) August 24, 2021
कवि द्वारा शेयर किए गए वीडियो की एक क्लिप में वह यह पूछते हुए दिखाई दे रहे थे कि हम भारतीय अपनी विरासत की विकृति को कैसे स्वीकार कर सकते हैं। उन्होंने पूछा कि हजारों भारतीयों को मारने वाले आक्रमणकारियों और लुटेरों को नायक के रूप में कैसे दिखाया जा सकता है। उन्होंने मुगलों की ‘महिमामंडित डकैतों’ के रूप में आलोचना की। उन्होंने लोगों से अपनी विरासत को पहचानने और बर्बर एवं लुटेरों को नायकों के रूप में महिमामंडित करने से बचने के लिए कहा।
वामपंथी ‘इतिहासकार’ इरफान हबीब ने कहा, “एक कवि और लेखक को इतिहास के रूप में संदिग्ध और काल्पनिक तर्कों का उपयोग करके जहर उगलते हुए देखना दुखद है।”
आप किसके वंशज हैं ?
— Manoj Muntashir (@manojmuntashir) August 24, 2021
Choose Your Legacy And Your Heros!
Relwasing today at 5 PM on YouTube/Manoj Muntashir pic.twitter.com/Xi9Mq1GGSf
दिलचस्प बात यह है कि तथाकथित पौराणिक कथाकार देवदत्त पटनायक ने मनोज को इतिहास का पाठ पढ़ाने के लिए विकिपीडिया का इस्तेमाल किया। उसने कहा, “इस आदमी को इतिहास किसने पढ़ाया? वह बंगाल पर मराठा आक्रमण को क्या कहेंगे?” इस दौरान पटनायक ने विकिपीडिया का लिंक भी शेयर किया।
आरजे फहद ने रेख्ता के लिए मनोज का साक्षात्कार लेने पर खेद व्यक्त किया और कहा, “मुझे खेद है कि मैंने रेख्ता के लिए इस नफरत फैलाने वाले और धर्मांध व्यक्ति का साक्षात्कार लिया। इतना जहर कहाँ से लाते हैं ये लोग?”
मनोज द्वारा शेयर किए गए हालिया वीडियो में क्या है?
हाल ही में मनोज मुंतशिर ने अपने यूट्यूब चैनल पर जो वीडियो शेयर किया है उसमें उन्होंने धर्म, जाति और अन्य बाधाओं से परे नायकों को चुनने की बात की। उन्होंने मुगलों के इतिहास को ‘गौरवशाली’ बताकर पढ़ाने और हिंदुओं के खिलाफ हुए अत्याचारों को छुपाने पर इतिहासकारों और शिक्षकों से सवाल किया। मनोज ने पूछा कि अकबर द्वारा हिंदुओं पर जजिया हटाने का जिक्र क्यों है, जबकि इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि शासक के रूप में उसने अपने कार्यकाल के दौरान फिर से जजिया लगाया था।
साथ ही, उन्होंने सवाल किया कि जब किताबों में ‘ग’ से गणेश हटा कर ‘ग’ से गधा लिख दिया गया तो किसी ने आपत्ति क्यों नहीं की। मनोज ने कहा कि रावण के ब्राह्मण होने के बावजूद कोई भी ब्राह्मण उसकी पूजा नहीं करता, क्योंकि वह दुष्ट था। उन्होंने कहा कि हमें अपने नायकों को उनके कर्मों के आधार पर चुनना चाहिए, न कि उनकी पहचान के आधार पर। उन्होंने वर्षों से तथाकथित इतिहासकारों और सरकारों द्वारा किए गए ज़बरदस्त मुगल महिमामंडन के खिलाफ बात की थी।
उन्होंने अकबर के कार्यकाल को भारतीय इतिहास में सर्वश्रेष्ठ कहने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “शासक के रूप में उनका कार्यकाल इतिहास में सबसे अच्छा कैसे होगा जब हजारों हिंदुओं को इस्लाम में परिवर्तित नहीं करने के लिए मार दिया गया था। अगर उनका कार्यकाल सबसे अच्छा था, तो राम राज्य क्या था?” मनोज ने उन नेताओं पर सवाल उठाया जिन्होंने इस तथ्य की अनदेखी करते हुए कि मुगलों ने हजारों हिंदुओं को बेरहमी से मार डाला और मंदिरों को नष्ट कर दिया, मुगलों के नाम पर सड़कों का खुशी-खुशी उद्घाटन किया।

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