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TOP 5 NEWS- जो देश मे दबाई जाती है

Top 5 News मुख्य पाँच खबरें यहाँ पढ़े   देश मे दबाई जाती है नमस्कार आज हम बात करेंगे देश के मुख्य पांच खबरों के वह पांच खबर जो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व प्रिंट मीडिया पर छुपाई जाती है।  उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद लिबरल्स की नींद उड़ गई जैसा कि आप सभी जानते हैं उमर खालिद को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद को दिल्ली पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था फरवरी में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में दिल्ली के कई इलाकों में दंगे हुए थे और उमर खालिद का नाम भी उस दंगों को भड़काने या उस दंगे को करवाने के लिए षडयंत्र रचने का आरोप है     दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने  उमर खालिद पर गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया था और पुलिस ने से लगभग 11 घंटे की पूछताछ की इसके बाद एक खबर आई कि उमर खालिद दिल्ली दंगों के मामले में शामिल होने की वजह से गिरफ्तार किया गया है।  जैसे ही यह खबर न्यूज़ में आई वैसे ही लिबरल गैंग, बॉलीवुड गैंग ,टुकड़े टुकड़े गैंग सोशल मीडिया पर विधवा विलाप शुरू कर चुके हैं।    तमाम लिबरल...

डिजिटल मीडिया का युवाओं पर प्रभाव

डिजिटल मीडिया का युवाओं पर प्रभाव जैसा कि आपको बतादे की डिजिटल मीडिया का युवाओं पर बोहोत बुरा प्रभाव पड़ा है जिसके कारण वो एक प्रकार से परिवार व शांत स्वभाव वाली जीवनशैली भूल चुके है। हम देखते है कि युवा वास्तविक कार्य को महत्व न देकर सोशल मीडिया पर अपना समय बर्बाद करता है जिससे कि उसके आने वाले भविष्य के लिए खतरा है। हम ये नही बोल सकते कि हर देश के सभी युवा डिजिटल मीडिया के बाद बिगड़ सा गया है क्योकि कुछ युवा इसी के माध्यम से अपनी जिंदगी में आने वाली समस्या का समाधान निकल कर जिंदगी को जी रहे है। डिजिटल सहयोग से व व्यवसाय में सहायता लेकर इसी डिजिटल प्लेटफार्म से  जीवन की ऊंचाइयों को छू रहे है। आप ये जरूर बोल सकते है कि युवा अपनी आदतों को सुधार करें व डिजिटल मीडिया का सहयोग अच्छे से ले तो उसे सफल होने से कोई नही रोक सकता है। डिजिटल मीडिया जिस प्रकार से हर छेत्र में अनेक सहयोग व सकारात्मक कार्य जिसको आसानी से किया जा सकता है ऐसा एक मंच देती है जिसका लाभ उठाया जा सकता है और युवा वर्ग उठा भी रहा है। तो आप समझ सकते है कि ये ऐसा विषय है जिसमे दो पक्ष हो सकते है युवा पर प्रभाव अच्छा भी पड़ा ...

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नमस्कार मैं आप देश के प्रत्येक हिंदुस्तानी ने भीख मांग रहा हूँ ये भीख एक भाई , दोस्त और एक इंसान के लिए है जो जिंदगी की जंग लड़ रहा है आप भले इस व्यक्ति से अनजान है आपको ये बात शायद गलत भी लगे शायद आप ये सोचे कि कोरोना के इस महामारी में कुछ लोग मिलकर ऐसे फ़ोटो खिंचवा कर पैसा लूट रहे है या पैसा कमाना चाहते है तो ये आपकी सोच है जिसे हम गलत नही बोल सकते क्योंकि ये सोच आना  की बड़ी बात नही आप मे से किसी ने शायद ये धोखाधड़ी से धोखा भी खाया हो लेकिन मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि मेरे द्वारा जो भी जानकारी दी जा रही है पूरे तरह से सत्य है ये हमारा भी हमारे बीच का ही है इसलिए हम जो भी दोस्त है सभी ने एक अभियान छेड़ा है भाई के लिए मदद करने की जिस दोस्त से जो बन रहा है वो अपना कर्तव्य का पालन कर रहा है मेरे पास ये मंच है आप सभी दयालु मन व्यक्ति तक पहुचने का तो मैंने ये तरीका अपनाया उसकी मदद के लिए। मेरे द्वारा नीचे जो भी बात लिखी गई है और आपको असत्य लगेगा तो आपको हम सच दिखाने के लिए तैयार है आप हमसे जो जानना चाहेंगे हम जानकारी आप को सीधे देंगे या हमारे दोस्त जो मरीज है अजित सिंग उस भाई का नम...

भारतीय झंडे का विवाद समझे क्या है - रुपेश रजक

आज हम बात करेंगे झंडा भी बात पर आखिर भारत में यह झंडा विवाद है क्या ? और किस कारण से यह विवाद बना किस बात को लेकर झंडा का विवाद होता है किन किन नियमों को पालन करना पड़ता है यह सारी बातें आज हम बताएंगे और आप सभी से अनुरोध भी करेंगे कि इसे शेयर करें ताकि और अन्य भी लोगों को जानकारी मिली कि भारत देश के झंडे हैं उसके प्रति हमारी क्या कर्तव्य होनी चाहिए। तो जैसे हमारी पुरानी ध्वज संहिता है जिसमें प्राचीन प्रावधानों की एक लंबी सूची थी जिसमें झंडा फहराने का अधिकार को जी व्यक्तियों का विशेषाधिकार था हो सकता है यह मंत्री होंगे नेता होंगे या बड़े-बड़े उद्योगपति लेकिन वर्ष 2002 में जिंदल समूह के उपाध्यक्ष नवीन जिंदल ने झंडा फहराने के अपने अधिकार पर निबंध को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी।  दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश की तिरंगा फहराने मौलिक अधिकार है तथा इसके बाद में ध्वज संहिता के उदारीकरण के प्रश्न के परीक्षण हेतु समिति गठित करने के सर्वोच्च न्यायालय की अनुशंसा के पश्चात सरकार ने समिति गठित की समिति की अनुशंसा के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंड...

दिल्ली दंगे 2020 अनकही कहानी को प्रकाशित होने से क्यों रोका गया - मोनिका अरोड़ा

जैसा कि आप सभी जानते हैं दिल्ली में जो दंगे हुए थे उसको लेकर काफी मतभेद है और दिल्ली सरकार की मंशा के ऊपर भी बहुत सवाल उठे हैं जो कि जायज है क्योंकि जिस प्रकार से दिल्ली सरकार ने दंगों के अपराधियों को छुपाने के लिए काम किया है वह उनकी पार्टी की गाइडलाइन को फॉलो करती है। और दंगों के मास्टरमाइंड को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा देती है। वैसे हम आपको बता दें कि दिल्ली राइट 2020 अनटोल्ड स्टोरी पुस्तक का प्रकाशन पब्लिशिंग हाउस ब्लूस में बरी द्वारा किया जाना था जिसके बाद कट्टरपंथी विचारधारा व विदेशी गैंग द्वारा पब्लिशिंग हाउस को परिसर दिया गया जिसके बाद उसने पब्लिक करने से मना कर दिया जिसके बाद गरुड़ ने इसे प्रकाशित करने का फैसला किया है किया था बता दें कि पुस्तक के लिए 30,000 से अधिक पर आ चुके हैं। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर बताया है किताब की 30000 प्रतियों के आर्डर पहले ही दिए जा चुके हैं मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं दिल्ली दंगे की अनकही कहानी की 100 प्रतियां खरीद लूंगा मैं इस किताब की 100 कॉपी खरीद कर लोगों को पढ़ने को दूंगा आइए हम सब मिलकर 50000 बुकिंग का रिकॉर्ड बनाए ...

सरजीत इमाम देश विरोधी है इसका काम जानिए कैसे -दिल्ली पुलिस में दाखिल की नई चार्टसीट

नमस्कार आप शरीर में हमको तो जानते ही होंगे क्योंकि असम को भारत से अलग करने की मांग कर रहा था दिल्ली पुलिस ने दाखिल की गई चार्जशीट में बताया कि आरोपपत्र में सर्दी नाम उसके समूह के विभिन्न मस्जिदों की ने पहचान की थी और सीए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की आड़ में बड़ी संख्या में मुस्लिम लोगों को जुटाने के लिए कुछ लोगों को इन मस्जिदों में पर्चे बांटने का काम भी सौंपा था। इस्लामिक कट्टरपंथी सर जी नाम के खिलाफ दिल्ली पुलिस में नई चार्जशीट दाखिल की है । इसमें दिल्ली पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं इसमें कहा गया है कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम विरोधी प्रदर्शन को पूरे देश में फैलाना चाहता था वह बहुत ही बेताब था। आरोप - पत्र में कहा गया है कि इमाम पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्य में से एक के संपर्क में था । जिसने उसे (PFI) के सदस्य के रूप में विरोध करने का सुझाव दिया था आरोप-पत्र में कहा गया है आरोपित उच्च स्तर पर विरोध प्रदर्शन को ले जाने के लिए बहुत बेताब था जहां प्रदर्शनकारियों के सरगना ने भीड़ को अपने हाथ में ले लिया था। आगे कहा गया है कि इमाम में सिर्फ समुदाय के लोगो...

कंगना को माफिया से ज्यादा मुम्बई पुलिस से है डर जाने ऐसा क्यों

जैसा कि आप जानते हैं कि बॉलीवुड का पाकिस्तानी समर्थक है अभी कंगना राणावत को आड़े हाथों लिए हुए हैं चौकी वह बॉलीवुड में परिवारवाद और माफिया को लेकर कई खुलासे कर रही हैं रिंकी यह बात बॉलीवुड जैन को पसंद नहीं आ रही है कंगना ने एक इंटरव्यू में कहा है और उन्होंने बकायदा कई वीडियो भी बनाया है इस समय जिसमें वह बॉलीवुड को लेकर एक से खुलासे कर रही है इसी कड़ी में उन्होंने बताया कि एक टॉप स्टार ने उन्हें जेल भेजने की कोशिश की थी क्योंकि वे उससे डस विराट के बारे में जानती थी साथ ही ट्वीट कर बताया कि अब माफिया से ज्यादा उन्हें मुंबई पुलिस का डर है। रिपब्लिक टीवी को दिए इंटरव्यू में कंगना राणावत ने दावा किया है कि वह एक टॉप स्टार के साथ रिलेशनशिप में थी तो उस दौरान उसे ड्रग ओवरडोज के चलते अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था उसके फेफड़ों में कुछ हुआ था हालांकि अस्पताल ने इसे सामने नहीं आने दिया और मामले को दबा दिया उनका कहना है कि वह खुद को एक सुपर हीरो मानता है कंगना ने कहा कि इस स्टार का परिवार एक फिल्म बना रहा था उसमें उनकी एक छोटी सी भूमिका थी उन्होंने लास वेगास में फिल्म की शूटिंग के दौरान अन...