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सरजीत इमाम देश विरोधी है इसका काम जानिए कैसे -दिल्ली पुलिस में दाखिल की नई चार्टसीट

नमस्कार आप शरीर में हमको तो जानते ही होंगे क्योंकि असम को भारत से अलग करने की मांग कर रहा था दिल्ली पुलिस ने दाखिल की गई चार्जशीट में बताया कि आरोपपत्र में सर्दी नाम उसके समूह के विभिन्न मस्जिदों की ने पहचान की थी और सीए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की आड़ में बड़ी संख्या में मुस्लिम लोगों को जुटाने के लिए कुछ लोगों को इन मस्जिदों में पर्चे बांटने का काम भी सौंपा था।


इस्लामिक कट्टरपंथी सर जी नाम के खिलाफ दिल्ली पुलिस में नई चार्जशीट दाखिल की है ।
इसमें दिल्ली पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं इसमें कहा गया है कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम विरोधी प्रदर्शन को पूरे देश में फैलाना चाहता था वह बहुत ही बेताब था।

आरोप - पत्र में कहा गया है कि इमाम पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्य में से एक के संपर्क में था । जिसने उसे (PFI) के सदस्य के रूप में विरोध करने का सुझाव दिया था आरोप-पत्र में कहा गया है आरोपित उच्च स्तर पर विरोध प्रदर्शन को ले जाने के लिए बहुत बेताब था जहां प्रदर्शनकारियों के सरगना ने भीड़ को अपने हाथ में ले लिया था।

आगे कहा गया है कि इमाम में सिर्फ समुदाय के लोगों को जुटाया नहीं बल्कि दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में चक्का जाम करने की भी कोशिश की गौरतलब है कि इमाम के बयानों और उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण से यह पता चला है कि उसने सीलमपुर और खुरेजी में प्रदर्शन स्थलों का दौरा किया था और वहां का हाल जाना था कि वह किस स्तर पर अपने कार्य को अंजाम दिया जा सकता है।

इस बात की पुष्टि व्हाट्सएप चैट के माध्यम से भी हुई आरोप - पत्र में बताया गया है कि स्थानीय मस्जिदों के इमाम ओं की मदद लेकर उत्तर पूर्व जिले में गलत सूचना फैलाने की कथित रूप से उनका हाथ था इसके साथ ही इसमें कहा गया है कि सभी मामा और उसके समूह ने विभिन्न मस्जिदों की पहचान की थी और सीआईए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की आड़ में बड़ी संख्या में मुस्लिम लोगों को जुटाने के लिए कुछ लोगों को इन मस्जिदों में पर्चे बांटने का भी काम सौंपा था।

आरोप पत्र गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम के तहत नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के खिलाफ देश विरोधी भाषण देने से संबंधित मामले में दाखिल किया गया है आरोप पत्र में भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (ए) देशद्रोह 153(अ ) शत्रुता को बढ़ावा देना 153 (ब) राष्ट्रीय अखंडता के प्रति हानिकारक अभी कथन 505 अफवाह फैलाना और गैर कानूनी गतिविधियों अधिनियम की धारा 13 के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। 
इससे पहले यूएपीए के तहत गिरफ्तार जामिया मिलिया इस्लामिया इन सिटी के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा ने पुलिस पूछताछ के दौरान कुछ बड़े खुलासे करते हुए बताया था कि किस तरह से नागरिकता कानून और एनआरसी के विरोध के नाम पर उन्होंने लोगों को भड़काने के साथ बसों और घरों को जलाया था। 



आसिफ इकबाल तन्हा ने कहा कि वह देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहता था और इसलिए हिंदुओं को तंग कर धार्मिक भावनाएं आहत करने की साजिश रची आरोपी आसिफ इकबाल ने पुलिस को दिए बयान में बताया था 12 दिसंबर को हम ढाई हजार से 3000 लोक जामिया इन सिटी के गेट नंबर 7 पर मार्च कर रहे थे।  उसके बाद 13 दिसंबर को और सरजील इमाम भड़काऊ भाषण देते हुए चक्का जाम करने की बात कहता है मैंने खुद लोगों को उठाया जामिया मेट्रो से पार्टियोंमेंट तक मार्च की कॉल दी जिसमें कई संगठन हमें समर्थन देते हैं और इसी प्रकार से सीएए  के विरोध में और उसकी आड़ में देश को तोड़ने की बात होती रहती है।

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