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क्या कोरोना 2014 से पहले भारत आता तो हम बचते ? जानिए जरा इन तथ्यो को ।

कोरोना को रोकने के लिए सामजिक दूरी (social distancing) बोहोत जरुरी है ये हम सभी को समझना पड़ेगा। 
भारत - जैसा की देश में अभी हम भारत के नागरिक कोरोना से जितने के लिए युद्ध कर रहे है की किसी भी तरह  से कोरोना को भारत के निकाल फेंका जाये और कोरोना मुक्त भारत जल्द  हो जाये ।

अब हम बात करते है क्या कोरोना भारत मे 2014 के पहले आता तो भारत की स्थिति क्या रहती और भारत इससे किस प्रकार लड़ता क्या भारत की राजनीतिक शक्ति इससे लड़ने मे जनता का सहयोग मांगती या किसी और माध्यम मे कोरोना से लड़ती जैसा की विपक्ष चाहता है सिर्फ मेडिकल फेसिलिटी और दवाइयो के बदौलत ही जीत जाते खैर विपक्ष का हमला हमला हमेशा देशहीत मे न रहकर देश विरोध मे ज्यादा रही है अब इसी माध्यम से हम बात करते है की अगर देश मे हुवे चुनाव 2014 मे देश मे मौजूदा सरकार नही होती तो गठबंधन की सरकार हमको देखने को मिलता जैसा की सभी जानते थे ।

देश मे 2014 के चुनाव मे क्या हुआ

आप सभी जानते है देश मे हुवे 2014 के लोकसभा चुनाव मे देश को गुजरात के मुख्यमंत्री रहे माननीय नरेंद्र दामोदर मोदी को सत्ता का दायित्व संभालने के लिए देशवाशियों ने उनकी भारतीय जनता पार्टी के सांसदो को जीत दिलाकर भेजा और सभी सांसदो की सहमति से नरेंद्र मोदी जी को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया।
नरेंद्र मोदी जी को गुजरात मॉडल यानि गुजरात मे किए गए उनके कार्य को प्रभावशाली बताया गया और उनके राज्य मे जनता का विश्वास उनके साथ था क्योकि उन्होने राज्य के विकाश के लिए अनेकों योजना और अनेकों कार्य किए थे ।

लेकिन हम आपसे पुछना चाहते है क्या 2020 मे किए गए लॉकडाउन को 2014 मे किया जाता तो आज देश के लोग  लॉकडाउन का पालन कर पाते ?
जवाब जरूर दे - कमेंट करके

अब बात करते है प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके द्वारा किए गए प्रयासो की जिसकी जरूरत आज देश के गरीब लोगो को पड़ रही है और उन्ही योजना के द्वारा उनको लाभ पाहुचाया जा रहा है ।
प्रधानमंत्री की योजना कुछ इस प्रकार है -

  1. स्वक्छ भारत अभियान - 2 अक्टूबर 2014 ( शौचालय निर्माण )
  2. प्रधानमंत्री जन धन योजना - 28 अगस्त 2014 ( बैंक खाता )
  3. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना - 1 मई 2016 ( गैस चूल्हा  )
  4. प्रधानमंत्री आवास योजना - 25 जून 2015 ( शहरी व ग्रामीण छेत्र मे मकान निर्माण )
  5. प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना - सितंबर 2017 ( देश को रोशनी प्रदान )

ये वो मुख्य योजना है जो अभी किए गए लॉकडाउन को तोड़ सकती थी और भारत की इस कोरोना की जंग मे भारत को सुरुवात मे ही बर्बाद कर सकती थी हालांकि ये संभव नही हो पाया जिसका सीधा कारण इन योजना के द्वारा देश के गरीब वर्ग के लोगो को इसका लाभ मिलना था आइये कुछ आकड़ों पर ध्यान देते है जिससे आपको पता चले आखिर हम ऐसा क्यो बोल रहे है  अगर ये सभी कार्य नही हुवे होते तो -
  1. स्वक्छ भारत अभियान - 10 करोड़  शौचालय निर्माण 
  2. प्रधानमंत्री जन धन योजना - 36 करोड़ लोगो का खाता खोलकर बैंक से जोड़ना 
  3. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना - 8 करोड़ महिला को गैस चूल्हा वितरण 
  4. प्रधानमंत्री आवास योजना - 2 करोड़ लोगो को घर बनवा कर देना 
  5. प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना - 3 करोड़ घरो मे बिजली 
अगर ये सभी सुविधाए इनको नही मिली होती तब  ,
लोग शौचालय के लिए घरो से बाहर निकलते  , महिलाये  खाना पकाने के लिए लकड़ियो की तलाश मे बाहर निकलती या जंगल की ओर जाती, जिनके घर नही थे वो किराए मे या झोपड़ी वाले घर मे गुजर करते, जिनके खाते नही थे उनतक सरकार की धनराशि सीधे उनको नही मिल पाती और जिनके घरो मे बिजली नही होती उनका दिन कैसा काटता आप समझ सकते है ।
क्या इस तरह से लॉकडाउन 2014 से पहले भारत मे पूरी तरह सफल हो पाता , क्या लोग सरकार की बात को सुन पाते उनके दिये निर्देशों का पालन कर पाते ये सोचने का विषय है
अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इन सभी योजना का लाभ जनता तक नही पाहुचाए होते तो देश की स्थिति बोहोत ही खराब होती है हमे भी पता है तो हमे सुक्रिया करना चाहिए देश के प्रधानमंत्री जी का जिनके प्रयाशों के कारण लाखो लोग कोरोना के प्रभाव से बच गए ।
हम आपको ये जानकारी देना चाह रहे थे की 2014 के बाद भारत की जो स्थिति थी वो बेहतर हो गयी है एचएम हर बड़ी मुश्किल से लड़ने मे सक्षम है , सरकार की इस काम को हमे सराहना करनी चाहिए और सरकार का साथ देना चाहिए क्योकि ये सरकार सही मायनों मे देश और देश की गरीब जनता को समृद्ध बनाने के लिए कार्य कर रही है हालांकि कुछ परेशानिया और कुछ कमी रह गयी है जो पूर्ण हो जाएगी ।
हम देश के नागरिकों  से अपील करते है कोई भी अफवाह फैला कर फंसे हुवे मजदूरो को भ्रमित ना करे जहा तक हो सके उनकी मदद करे ।


आखिर कौन लोग जमातियों का विरोध कर रहे है ? जानिए

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