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स्वरा भास्कर" न घर की न घाट की" आंबेडकरवादी, लेफ्ट वाले उसके ही पढ़ गए पीछे- जाने पूरी खबर

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर को इन दिनों खुद के बनाये गए चरित्र के कारण गाली खानी पड़ रही है क्योकि जिन मुद्दों को लेकर वो हमेशा चर्चा में रहती है वो उसमे डुबकी लगती हुई नजर आई जिससे उनके प्रसंसक लोग चीड़ गए और उन्हें बुरा भला कहना प्रारम्भ कर दिया।



ऐसा हुआ इसलिए कि हाल ही में अपने नए घर के लिए गृह प्रवेश समारोह के दौरान की गई पूजा की कुछ तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया में साझा की थीं। उनकी राजनीतिक हरकतों को देखते हुवे तस्वीरे कुछ अजीब लगी लेकिन उनका हिन्दू सभ्यता से जुड़ा रहना एक तरफ से ठीक भी लगा। क्योकि ऐसा भारत की राजनीति में बोहोत कब होता है कि कोई लिबरल अपने हिन्दू सभ्यता का जश्न मनाते हुवे देखा जाए।

तस्वीरें अच्छी थी, लेकिन लेफ्ट, कम्युनिस्ट, वामपंथी और अम्बेडकरवादियों को यह पसंद नही आया और उनका आक्रोश जाग उठा और इन लोगो ने अपना असली रंग दिखाते हुवे हिन्दू विरोधी व ब्राम्हण विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए मौके का लाभ उठाया।

इस बीच कुछ लोगो ने स्वरा भास्कर की तस्वीरों को नाजी दुष्प्रचार से भी तुलना किया।

स्वरा भास्कर 

यह सिर्फ हिन्दू धर्म के खिलाफ एजेंडा चलाने वालों का काम होता है जब भी कोई मौका मिले खुले मैदान में उतर जाते है हिन्दू और हिन्दू धर्म को बदनाम करने के लिए भले ही वो उस गुट का ही व्यक्ति क्यो न निकल जाए, इनका सोचना है कि कोई अपनी संभ्यता ही भूल दे।

 यू तो हिन्दुवों को गाली देना आतंकी बताना स्वरा भास्कर का फैशन रहा है और आज वो खुद हिन्दू आतंकी वाली कैटेगरी में शामिल हो गयी है। स्वरा भास्कर को तो कुछ लोगो ने तो 'नारीवाद' पर 'ब्राम्हणवाद' का ठप्पा लगा दिया।


स्वरा भास्कर को जिन लोगो का साथ था वो लोग अब स्वरा को नकार रहे है, इससे हमें समझने की आवश्यक्ता है कि जो लोग झूठा भाईचारा का प्रचार करते है वो अंदर से कितने कट्टरपंथी होते है, एक बात यह है कि इन लोगो की मंसा सनातन धर्म को खत्म करने से है जो कि असंभव है, हमे ये जानकारी प्राप्त होती है।

स्वरा एक ऐसी समाजिक कार्यकर्ता बनाती है जो एक राजनीतिक पार्टी और एक धर्म विशेष की आलोचना करके प्रशिद्ध प्राप्त कर रही है, स्वरा ऐसा कोई मुद्दा नही छोड़ती जो हिन्दू से जुड़ा होता है वो हिन्दू को हर तरफ से गलत बताकर झूठ का खेल खेलती रहती है, अभी हाल ही में उन्होंने तालिबान के आतंकवादियों से हिन्दू आतंकी होने की बात कही थी जिसका विरोध उन्हें झेलना पड़ा था।

स्वरा हमेसा से फेक न्यूज फैलती है, और हकीकत को स्वीकारने से इनकार भी करती है, हिंदुत्व को कमजोर करने के लिए हर तरह के दुर्भावनापूर्ण एजेंडे को बड़ी बेशर्मी से आगे बढ़ाया। हालांकि, जिस क्षण उन्होंने अपनी विरासत में गर्व करते हुवे हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा की तो उन्हें 'खारिच' कर दिया गया।


इससे यह पता चलता है कि स्वरा एक विशेष एजेंडे के तहद भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को धूमिल या नुकसान पहुँचा कर हिंदुत्व को चोट पहुचाना एक मूल अपेक्षा है।

मानों जैसे इन लोगो का समूह खेल खेल रहा है कि अपनी हिन्दू होने की पहचान को खत्म करों और हिन्दू को बदनाम करने के अभियान में शामिल हो जाओ, जब भी कोई घटना सामने आए जिसमे अपराधी हिन्दू धर्म को हो तो उस खबर को पकड़ कर रखो और हिन्दू को बदनाम करने सुरु कर दो।

हमें ये सोचना चाहिए कि आप अपनी पहचान को क्यो खोये।

जो विरासत हमे जन्म से मिली है उसे क्यो भुलाया जाए ।

हमे एक सिख लेनी होगी कि ये जो वामपंथी लेफ्ट के लोग है ये सिर्फ भारत को तोड़कर अपनी सत्ता अपने धर्म का कानून लाने के पीछे पड़े है और हमे विचार करना होगा कि हम किसी के बहकाबे में न आये। अपने बौद्धिक शक्ति का प्रयोग करें।
धन्यवाद 

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