सम्पूर्ण मतदान से होगा राजनैतिक भ्रष्टाचार मुक्त भारत
हमारे राजधर्म या राजनीति , राज्य - व्यवस्था , लोकतन्त्र के आदर्श हैं - मर्यादा पुरुषोत्तम राजा राम , योगेश्वर श्रीकृष्ण , चन्द्रगुप्त , विक्रमादित्य , सम्राट अशोक , छत्रपती शिवाजी महाराज , नेताजी सुभाषचन्द्र बोस , बाल गंगाधर तिलक , गोखले, महात्मा गाँधी जी , सरदार बल्लभ भाई पटेल ( लौह पुरुष ), लाल बहादुर शास्त्री व अटल बिहारी बाजपई आदि जैसे कई महान व राष्ट्र भक्त नेता मिले जो देश के लिए समर्पित हुवे ।
लेकिन आज की घटिया राजनीति मे लोकतन्त्र में , सत्ताओं के शीर्ष पर , अधिकांश भ्रष्ट , बेईमान , अमर्यादित व आपराधिक किस्म के लोग बैठे हुए है और यदि कोई देशभक्त , चरित्रवान , ईमानदार व्यक्ति राजनीति की स्वच्छता की बात करता है और निरंकुश अमर्यादित राजनीति के स्थान पर , देश मे राष्ट्रवाद की अलख जगाकर , नई क्रांति एवं नई व्यवस्था लाकर एक नया राष्ट्र बनाना चाहता है , जिसमे भ्रष्टाचार , अपराध , हिंसा व घृणा को मिटाकर , समाज मे सुख , समृद्धि व समरसता लाना चाहता है तो इन जैसे भ्रष्ट , बेईमान व अपराधी किस्म के लोगो को यह सब अच्छा नही लगता उनको ये रास नही आती है ये कहते है की ईमानदारी , पढे -लिखे , देशभक्त सच्चे एवं अच्छे लोगो को राजनीति से दूर रहना चाहिए , जिससे की ये भ्रष्ट बेईमान लोग लोग देश को बिना डर के लूट सके देश को खोखला कर सके व अपनी संपत्ति का विस्तार कर सकें और देश को बर्बाद कर सकें लेकिन हम इन लोगो को सत्ताओ से बाहर करके इनको इनके पाप की सज़ा दे सकते है जो हम कभी कर नही पाते या करना नही चाहते है क्योकि हम मौन व शांत रहकर ये इंतज़ार करते है की कोई भगवान का रूप फिर से धरती पर प्रकट होगा और सब कुछ सही हो जाएगा जो हमरी भूल है या हमारी सबसे बड़ी बीमारी है जिससे हम पीछा छुड़ा नही पाते हम त्याग करना नहीं चाहते बैठे बैठे ही सब कुछ बदलते हुवे देखना चाहते है जबकि कुछ पाने के लिए लड़ना और कुछ खोना पड़ता है तभी किसी भी काम मे हमे सफलता मिलती है इसलिए अपमानित होकर मत जियों अपनी शक्तियों को पहचानो एवं संगठित होकर इन भ्रष्ट लोगो असुर लोगो को हराया जाएँ सत्ता से इनको बाहर फेंका जाए और किसी श्रेष्ठ और उत्तम व्यक्ति को बैठाया जाए यही एकमात्र समाधान है - 100 % मतदान
जिससे ये होता है की हम जिस वायक्ति को सत्ता मे बैठाना चाहते है उसको हम अपनी आपसी समझदारी व एकता से उसे जीता कर देश की सत्ता सौप सकते है हमरे 100 % मतदान से देश की भ्रष्ट राजनैतिक व्यवस्था के स्थान पर एक श्रेष्ठ लोकतान्त्रिक प्रणाली को देश मे लाना चाहते है और जिस तरह आस्ट्रेलिया , इटली , फ्रांस व जर्मनी आदि 30 से ज्यादा देशों मे 100 % मतदान अनिवार्य है वैसा ही नियम हमे भारत मे लाना चाहिए तभी देश मे शासन के नाम पर चल रहा शोषण , अन्याय , अत्याचार व भ्रष्टाचार मिट सकेगा और चारों ओर छाया अविश्वास व अशुरक्षा का भाव भी समाप्त होगा और भारत सच्चे अर्थो मे एक शक्तिशाली लोकतान्त्रिक देश बन पाएगा अन्यथा 25-30 % लोग वोट करके सरकारें बना देते हैं और 70-80 % लोग मौन होकर शोषण , अत्याचार व अन्याय के शिकार होते रहते है और ये भ्रष्ट राजनेता जी 20 से 30 % लोग इनको वोट करते हैं उनके हितों व राष्ट्रहितों के लिए काम न करके देश व देशवासियों को झूठे आश्वासन दिखाकर देश को गुमराह करते व लूटते रहते हैं ।
वोट न करके को मैं देश की आज़ादी व लोकतन्त्र का अपमान मानता हूँ । यदि हम वोट नहीं करते हैं तो देश की आज़ादी खतरे मे पड़ जाती है । शहीदों की शहादत पर मिली आज़ादी , गुलामी मे तबदील हो जाएगी । इसलिए हम वोट न करके शहीदों के शहादत का उनके बलिदान का अपमान करते है । शहीदों , वीरों ने अपने प्राणों की आहती इसलिए नहीं दी थी कि आज़ाद भारत मे कायर , कमजोर , भ्रष्ट , बेईमान व अपराधी किस्म के लोग राज करेंगे । भारत की राजनैतिक दुर्दशा के लिए हम सभी भारतीय जिम्मेदार है । इसलिए हमे खुद से वचन लेना होगा की हम 100 % मतदान करें व दूसरों को भी मतदान करने के लिए जागृत करे और देश मे एक शक्तिशाली लोकतन्त्र की स्थापना करें जिससे असल मायने मे सच्ची आज़ादी तथा राजनैतिक गुलामी से भारत को मुक्ति दिलवाए ।
एक भारत , श्रेष्ठ भारत
इसी सोच के साथ आगे आए और सही लोगो को चुनकर देश की सत्ता मे बिठाये ।।
वोट न करके को मैं देश की आज़ादी व लोकतन्त्र का अपमान मानता हूँ । यदि हम वोट नहीं करते हैं तो देश की आज़ादी खतरे मे पड़ जाती है । शहीदों की शहादत पर मिली आज़ादी , गुलामी मे तबदील हो जाएगी । इसलिए हम वोट न करके शहीदों के शहादत का उनके बलिदान का अपमान करते है । शहीदों , वीरों ने अपने प्राणों की आहती इसलिए नहीं दी थी कि आज़ाद भारत मे कायर , कमजोर , भ्रष्ट , बेईमान व अपराधी किस्म के लोग राज करेंगे । भारत की राजनैतिक दुर्दशा के लिए हम सभी भारतीय जिम्मेदार है । इसलिए हमे खुद से वचन लेना होगा की हम 100 % मतदान करें व दूसरों को भी मतदान करने के लिए जागृत करे और देश मे एक शक्तिशाली लोकतन्त्र की स्थापना करें जिससे असल मायने मे सच्ची आज़ादी तथा राजनैतिक गुलामी से भारत को मुक्ति दिलवाए ।
एक भारत , श्रेष्ठ भारत
इसी सोच के साथ आगे आए और सही लोगो को चुनकर देश की सत्ता मे बिठाये ।।

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