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मांसाहार का सेवन करने वाले क्या जानवर प्रवित्ति के हो जाते है।

जैसा कि बताया जाता है मांसाहार से मानव के व्यवहार में परिवर्तन होता है आहार के विषय मे महर्षि चरक जी का एक दृष्टांत बहुत ही सुंदर है कि एक बार उन्होंने अपने शिष्यों से पूछा कौन रोगी नहीं अर्थात स्वस्थ कौन है? महर्षि के प्रबुद्ध शिष्य वाग्भट्ट ने उत्तर दिया । हितकारी भोजन करने वाला, उचित मात्रा में भोजन करने वाला एवं ऋतु के अनुकूल भोजन करने वाला व्यक्ति स्वस्थ है। अपनी प्रकृति (वात, पित्त, कफ) को जानकर उसके अनुसार भोजन लें। आहार से मनुष्य का स्वभाव और प्रकृति तय होती है। शाकाहार से स्वभाव शांत रहता है। मांसाहार से मनुष्य बोहोत ही हिंसक प्रवृति का हो जाता है । यदि वात प्रकृति है शरीर मे वायु विकार होते हैं तो चावल आदि वायुकारक है एवं खट्टे भोजनों का त्याग कर देना चाहिए एवं छोटी पिप्पली, सौंठ, अदरक आदि का प्रयोग करते रहना चाहिए। पित्त प्रकृति वाले को गर्म, तले हुए, पदार्थ नहीं लेने चाहिए एवं घी , खीरा, ककड़ी आदि अच्छा भोजन लाभदायक होता है। कफ प्रकृति वाले को ठंडी चीजें चावल, दही, छाछ आदि का सेवन अति मात्रा में नही करना चाहिए । मौसम के अनुसार खाद्य सामग्रियों का मेल करके सेवन करने से कोई भ...

भ्रष्टाचार का मुख्य स्रोत राजनीति क्यो है । आइये जाने - पार्ट 2

        सम्पूर्ण मतदान से होगा राजनैतिक भ्रष्टाचार मुक्त भारत हमारे राजधर्म या राजनीति , राज्य - व्यवस्था , लोकतन्त्र के आदर्श हैं - मर्यादा पुरुषोत्तम राजा राम , योगेश्वर श्रीकृष्ण , चन्द्रगुप्त , विक्रमादित्य , सम्राट अशोक , छत्रपती शिवाजी महाराज , नेताजी सुभाषचन्द्र बोस , बाल गंगाधर तिलक , गोखले, महात्मा गाँधी जी , सरदार बल्लभ भाई पटेल ( लौह पुरुष ), लाल बहादुर शास्त्री व अटल बिहारी बाजपई  आदि जैसे कई महान व राष्ट्र भक्त नेता मिले जो देश के लिए समर्पित हुवे । लेकिन आज की घटिया राजनीति मे लोकतन्त्र में , सत्ताओं के शीर्ष पर , अधिकांश भ्रष्ट , बेईमान , अमर्यादित व आपराधिक किस्म के लोग बैठे हुए है और यदि कोई देशभक्त , चरित्रवान , ईमानदार व्यक्ति राजनीति की स्वच्छता की बात करता है और निरंकुश अमर्यादित राजनीति के स्थान पर , देश मे राष्ट्रवाद की अलख जगाकर , नई क्रांति एवं नई व्यवस्था लाकर एक नया राष्ट्र बनाना चाहता है , जिसमे भ्रष्टाचार , अपराध , हिंसा व घृणा को मिटाकर , समाज मे सुख , समृद्धि व समरसता लाना चाहता है तो इन जैसे भ्रष्ट , बेईमान व अपराधी किस्म के लोगो...

भ्रष्टाचार का मुख्य स्रोत राजनीति क्यो है । आइये जाने - पार्ट 1

            सम्पूर्ण मतदान से होगा राजनैतिक भ्रष्टाचार मुक्त भारत हमने भारत को अंग्रेज़ो से तो आज़ादी ले ली पर क्या आज भी हम आज़ाद है ये सवाल हम हर एक भारतीय नागरिक को खुद से करना चाहिए क्योकि सवाल खुदसे करेंगे तभी जवाब मिलेगा । आजाद भारत मे भी शासन के नाम पर वही शोषण , अन्याय , अत्याचार एवं भ्रष्टाचार शिखर पर है , पूरे देश मे असुरक्षा एवं अविश्वास का वातावरण है । ऐसे मे एक साफ नियत वाली चिंतन की आवश्यकता है , जिससे की हम सत्ताओं के शीर्ष पर बैठे अधिकांश भ्रष्ट , बेईमान  व अपराधी किस्म के लोगो को सत्ताओ से बाहर कर देश मे एक नई आज़ादी ला सकें और देश की सत्ता राष्ट्रवादी , पराक्रमी , पारदर्शी , दूरदर्शी , मानवतावादी , अध्यात्मवादी व विनयशील , देशभक्त - ईमानदार लोगो के हांथ मे दे दिया जाए जिससे एक शक्तिशाली लोकतान्त्रिक भारत बना सकें । हम जीतने भी सांसद या विधायक चुनते है जिसे हम सरल भाषा मे जन प्रतिनिधि कहते है  जिनको हम चुनकर देश व राज्य की सत्ताओं के शीर्ष पद व संसद मे बैठाते है वह संसद राष्ट्र की शक्ति व संपत्ति का सर्वोपरि केंद्र है । देश की संसद ही...

क्या भारत मे सबसे जटिल समस्या है जनसंख्या ? आइये जाने ऐसा क्यो

जनसंख्या नियंत्रण से गरीबी , बेरोजगारी एवं अशिक्षा मुक्त भारत जैसा की भारत देश अनुमानित 130 करोड़ जनता का परिवार है जिसमे सबसे अधिक युवा वर्ग की है जो की भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है की देश को इस बदहाली से निकालने मे युवाओ का बोहोत बड़ा योगदान दे सकता है क्योकि भारत देश गरीब देशो की श्रेणी मे आता है जो की हमारे समझ से परे है क्योकि हम भारत को ऐसा बिलकुल नही देख पाते है हालांकि हम इस बात से सहमत है की समानता बराबर की स्थिति मे नही है क्योकि अमीर व्यक्ति और गरीब व्यक्ति के बीच का अंतर काफी गहरा है ।  Biggest problem in INDIA भारत मे गरीबी , भूख और बेरोजगारी राष्ट्रव्यापी समस्या है और ये तीनों ही समस्याए किसी भी देश के लिए अपमान एवं सामाजिक व राजनैतिक व्यवस्था की असफलता की सूचक है । आज भारत मे यदि 25 करोड़ लोगों की प्रतिदिन की औसत आमदनी रुपये है और दूसरी ओर 25 करोड़ लोग प्रतिदिन 5 करोड़ रूपये कमाते हैं । इसका सीधा - सीधा अर्थ है- एक तो हमारी आर्थिक नीतिया सामंतवादी है और दूसरा हमारे यहाँ भूमि , अन्न , भवन , काम एवं संसाधन इत्यादि कम होते जा रहे हैं और जनसंख्या प्रतिदिन बेहिसाब...

ये कोरोना है कि मरोना

नमस्कार दोस्तो आपका स्वागत है। ये कोरोना है कि मरोना है जब से आया है परेसान करके रखा है आखिर ये चाहता क्या है कोई बतायेगा, चीन से निकला पूरे विश्व मे फैला नाम है जिसका कोरोना अरे मैं भी बोलू तुम भी बोलो कोरोना कोरोना ,अब तो तुम भी रूकोना. #indiafightscorona भारत मेरा बोहोत ही प्यारा, सबको ये हमेशा से भाया  चीन हो या जापान हो ,अमेरिका हो या भूटान हो ईरान हो या इराक हो, ऑस्ट्रेलिया हो या अफगान हो जहां जहां भी थे भारतवाशी उन सब ले आया गुजरातवाशी देश मे सबको वापस लाया , कोरोना से इनको बचाया। बोला मेरी एक प्रार्थना आप सभी अकेले में रहना कुछ दिन के लिए गूफे में रहना। लेकिन ये नही न मानें खूब घूमे खूब नाचे एक दूसरे को कोरोना बाटे, लेकिन क्या करते बेचारे आदत से जो मजबूर थे प्यारे, पैसे की थी चमक के मारे। जैसे जैसे बढ़ा कोरोना ,सर पकड़ कर हो गया रोना अब देश की जान पे जो आंच आई प्रधानमंत्री ने दिमाग लगाई देश को पूरा कर दिया बंद कोई न घर से बाहर आये, कोई न किसी के घर को जाए। एक कदम भी अब न बढ़ाना , लक्षमण रेखा की लाज बचाना। लेकिन देश के लोगो ने नही जो माना कुछ लोगो ने है बेशर्मी दिखाना। बिना काम...

पीएम गरीब कल्याण के तहद 33 करोड़ से ज्यादा लोगो को मिला फायदा

भारत - जैसा कि आप सभी जानते है देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान भारत सरकार के द्वारा वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने देश के हर गरीब को आधार के द्वारा उनतक पैसा मुहैया कराने का जिम्मा लिया था। जिसके दौरान 31,325 करोड़ रुपये बाटे गए है, जिसका सीधा लाभ उन गरीब परिवारों को मिलेगा जो इस संकट में आर्थिक रूप से असहाय हो चुके थे जनाकारी देते हुवे वित्त मंत्रालय ने कोरोना वायरस के दौरान जो आर्थिक मदद की है उसका पूरा विवरण दिया है, जिसके तहद अब तक 33 करोड़ से ज्यादा गरीबो लोगो को 31,325 करोड़ रुपये की मदद की गई है जो उनतक पहुँच गए है। किसानों को दिए 16,146 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री किसान योजना की पहली किस्त के तहद देश के 8 करोड़ किसानों को 16,146 करोड़ रुपये दिए गए है जो अप्रैल महीने में गरीब किसान में डाल दी गयी है इस योजना के तहद 2000 रुपये की पहली किस्त किसानों के खातो में सीधा डाला जा चुका है और हम सभी ने बैंक की लाइन हर न्यूज़ में देखे है किस प्रकार गाँव व छोटे छोटे शहरों में भी भीड़ दिखाई पड़ी है।। इसी क्रम में वित्त मंत्रालय ने  जानकारी दी कि कुल मिलाकर अब तक देश मे 1405 करोड़ रुपये वि...

योगी आदित्य नाथ जी के पिता जी की हुई मौत जानिए योगी ने क्या कहा ।

उत्तर प्रदेश -   जैसा की आपको बता दे उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी के पिता जी का निधन  हो गया है जिनका इलाज एम्स में चल रहा था वो लिवर और किडनी के बीमारी से लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे। निधन 10 बजकर 40 मिनट में हुवा किडनी और लिवर की थी समस्या सीएम योगी को दी जनाकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आंनद सिंह बिष्ट का आज निधन हो गया । 89 साल के आंनद सिंह बिषतबक दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा था और उनकी हालत गंभीर थी वह कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे और उन्होंने आज अंतिम सांस ली। योगी जी के पिताजी उत्तराखंड के यमकेश्वर के पंचूर गांव में रहते थे व उत्तराखंड में फॉरेस्ट रेंजर पद पर थे वो 1991 में रिटायर हो गए थे उसके बाद से ही वे अपने गांव में रहते थे। जैसा कि योगी जी को खबर मिली तो उन्होंने कुछ इस प्रकार अपनी संवेदन व्यक्त की - अपने पूज्य पिताजी के कैलाशवासी होने पर मुझे भारी दुःख एवं शोक है। वे मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता है। जीवन मे ईमानदारी , कठोर परिश्रम एवं निस्वार्थ भाव से लोक मंगल के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य करने का संस्कार बचपन मे उन्हो...