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टोक्यो पैरालम्पिक्स 2020 में भारत को मिला स्वर्ण पदक, दो खिलाडियों ने रच दिया इतिहास: अन्य और भी खिलाड़ी ने लाये मेडल जाने पूरी खबर

जापान की राजधानी टोक्यो में चल रहे पैरालंपिक मे भारत के लिए बहोत ही अच्छी है, जिसमें आज भारत दो स्वर्ण पदक हासिल हुआ है यह स्वर्ण पदक शूटर अवनी लखेरा ने भारत को दिलाया है और दूसरा स्वर्ण पदक जेवलिन थ्रो के जरिये सुमित अंटिल ने दिलाया साथ ही वह जेवलिन पैरालिम्पिक में विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।


अवनी महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल 'स्टैंडिंग SH1' इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया और अन्य  खिलाड़ियों ने कस्य व रजत पदक भी भारत के झोली में लाए हैं अब तक के कुल आठ  पदक हो गए हैं जो भारत के खाते में आया है भारत के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति सभी ने इन खिलाड़ियों को बधाई दिए वह शुभकामनाएं दी हैं क्योंकि इनकी जीत समस्त देशवासियों के लिए अच्छी खबर है।

 

इसी क्रम में जैवलिन में भारत को रजत और कांस्य दोनों पदक प्राप्त हुए हैं जैसा कि उम्मीद लगाया जा रहा था कि देवेंद्र झाझरिया देश के लिए मेडल जरूर लाएंगे और उन्होंने यह कर दिखाया देवेंद्र झाझरिया ने रजत पदक हासिल किया और सुंदर सिंह गुर्जर ने कांस्य पदक हासिल किया इनका मुकाबला श्रीलंका के दिनेश प्रियन्थ के साथ हुआ था जिन्होंने F46 वर्ग में वर्ड रिकॉर्ड वाला थ्रो किया जो 67.79 मीटर रहा।

अवनी लखेरा

वही स्ट्रोक AS56 कैटेगरी में भारत के योगेश कथुरिया ने रजत पदक अपने नाम किया योगेश में 44 पॉइंट 38 मीटर  के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया और वहीं 19 वर्षीय अवनी लखेरा ने फाइनल मैच में 249 पॉइंट के स्कोर के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड की भी बराबरी की वहीं क्वालिफिकेशन राउंड में वो सातवें स्थान पर रही थी उनकी शुरुआत धीमी हुई थी लेकिन उनका प्रदर्शन बेहतर होता चला गया, अवनी लखेरा राजस्थान की राजधानी जयपुर की रहने वाली हैं और वहां के जेडीए शूटिंग रेंज में उनका प्रशिक्षण हुआ है पैरालंपिक्स में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं .

देवेन्द्र झाझरिया

2012 में एक दुर्घटना के कारण उन्हें पश्चिम घाट का सामना करना पड़ा था,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें बधाई दी है उन्होंने अवनी लखेरा से फोन पर भी बात की और कहा कि 'भारतीय खेल के लिए यह सचमुच एक विशेष क्षण है इंडिविजुअल गेम में भारत के लिए'  पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले शूटर अभिनव बिंद्रा ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

निषाद कुमार 

नई दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से बीकॉम कर चुके 24 वर्षीय योगेश कथुरिया स्वर्ण पदक से चूक गए लेकिन उन्होंने अपने छठे प्रयास में 44 पॉइंट 38 मीटर डिसकस देख कर दूसरा स्थान हासिल किया और भारत ने हाई जंप में रजत पदक और डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक अपने नाम किया कांस्य पदक की अभी घोषणा नहीं हुई है क्योंकि एक शिकायत के बाद इसकी जांच चल रही है योगेश कथुरिया एक फौजी के बेटे हैं और 8 वर्ष की उम्र में ही पैरालिटिक अटैक का सामना करना पड़ गया था जिसके बाद उनके दोनों फेफड़े खराब हो गए थे वह ब्राजील में इस खेल में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

योगेश कथुरिया


वहीं महिला वर्ग के सिंगल टेनिस खेल में भावनी पटेल ने रजत पदक अपने नाम किया है चीन की खिलाड़ी के हाथों फाइनल में उन्हें 0-3 से  हार मिली थी।

सुमित अंटिल

वही एक और जेवलिन थ्रो में भारत को मिला सवर्ण पदक और ये स्वर्ण पदक देश को सुमित अंटिल ने दिलाया है सुनील ने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करते हुवे ये कारनामा कर दिखाया है आपको बता दे कि रिकॉर्ड तोड़ने का इनका पहले से ही कारनामा रहा है इन्होंने अपने हि रिकॉर्ड को कोई बार तोड़ा और अंत के विश्व रिकॉर्ड बनाकर ही माने।।

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