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यूट्यूब कर रहा राष्ट्रवादी यूट्यूबर का मुँह बंद, खुद करता है अभिव्यक्ति की आज़ादी की बात और कर दिया चैनल बंद (सब लोकतंत्र और ट्रूथ एवम डेयर ) - पढ़े पूरी खबर

YouTube कर रहा है अपनी मनमानी नियमों के नाम पर राष्ट्रवादी लोगो के चैनल कर दे रहा ब्लॉक तो कभी बैन, हाल फिलहाल में जाने माने यूटुबर रचित कौशिक के चैनल ‘सब लोकतंत्र’ को हमेशा के लिए हटा दिया है। क्योकि हाल ही में उन्होंने रोहिंग्या घुसपैठ व बॉलीवुड में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ आवाज़ उठाई थी।

रचित कौशिक ने भी YouTube का विरोध करने के लिए तंज का सहारा लिया और ट्विटर पर एक पोस्टर जारी करते हुए लिखा, “नहीं रहे बाबा, भले आदमी थे बाबा! जब तक थे, भले थे – ये खबर सुनकर Truth & Dare भी चल बसा।”
 

YouTube ने ‘बार-बार नियमों के उल्लंघन’ का लगाया आरोप
साथ ही उन्होंने ‘अभिव्यक्ति की आज़ादी’ के हनन का विरोध करने के लिए अपनी तस्वीर शेयर की, जिसमें उनके मुँह पर क्रॉस का निशान बनाया हुआ था। असल में ‘सब लोकतंत्र’ के अलावा उनका एक और चैनल था, जिसका नाम था – ‘Truth & Dare’, जिसे हमेशा के लिए YouTube ने बैन कर दिया है। YouTube ने अपनी नोटिस में कहा कि इस चैनल ने चेतावनी के बावजूद कई बार नियमों का उल्लंघन किया।


लेकिन, रचित कौशिक का कहना है कि उनके चैनल पर कोई तीसरी स्ट्राइक नहीं आई और परमानेंट रिमूवल की कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने बताया कि सीधा चैनल को टर्मिनेट किए जाने का ईमेल आया और उसमें कुछ नहीं बताया गया कि किन वीडियोज की वजह से ऐसा किया गया है। वहीं, ‘Truth & Dare’ नाम के चैनल को आज तक कोई चेतावनी नहीं दी गई लेकिन उसे सीधा हटा दिया गया।


YouTube ने कहा है कि प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाना उसका कार्य है और दूसरे यूजरों को बचाने के लिए उसने इस चैनल को हटा दिया है। दोनों ही चैनलों को लगभग यही नोटिस देकर कहा गया कि आपने नियमों का बार-बार उल्लंघन किया है। साथ ही कहा है कि अगर आपको लगता है कि हमने गलत निर्णय ले लिया है तो आप इसके खिलाफ अपील कर सकते हैं।

लेकिन क्या यूट्यूब ने अन्य भड़काऊ चैनलों को बैन किया नही क्योकि हम आज भी उन बेहूदा बयानबाजी, अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले चैनलों को देख सकते है जो देश का सौहार्द बिगाड़ने, दंगा भड़काने और लोगो को उकसाने का कार्य करते है लेकिन उनके लिए इनका सब नियम कानून विलुप्त हो जाता है।

रचित कौशिक ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा, “नए IT नियमों के तहत ऐसी कंपनियों के लिए अनिवार्य है कि वो एक भारतीय ग्रीवांस अधिकारी की नियुक्ति करें। गूगल और यूट्यूब ने इसे पहले ही मान लिया था। लेकिन, अब मैं जब उनसे उनके ग्रीवांस अधिकारी का एक्सेस माँग रहा हूँ तो वो मुझे नहीं मिल रहा है। उनके ग्रीवांस अधिकारी से कैसे संपर्क किया जाए, उनका ईमेल एड्रेस क्या है, ये सब कुछ नहीं बताया जा रहा है।

इससे पहले दो बार ‘सब लोकतंत्र’ पर YouTube ने प्रहार किया था। एक बार फरहान अख्तर की फिल्म ‘तूफ़ान’ में ‘लव जिहाद’ के महिमामंडन के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए और एक बार रोहिंग्या घुसपैठियों के अपराध को कवर करने के लिए। नियमानुसार, दोनों स्ट्राइक्स के सक्रिय रहने की स्थिति में जब तीसरी बार ‘नियमों के उल्लंघन’ का मामला सामने आता है, तब उस चैनल को YouTube स्थायी रूप से हटा देता है।


ऐसा नहीं है कि रचित कौशिक ने पहली बार इस तरह की माँग की हो। इससे पहले भी जब उनके चैनल पर अस्थायी बैन लगा था तो उन्होंने ग्रीवांस अधिकारी से संपर्क कराए जाने की माँग की थी। उन्होंने इस सम्बन्ध में YouTube के साथ-साथ केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को भी लिखा था, लेकिन उनकी तरफ से भी कोई जवाब नहीं आया। कई अन्य यूट्यूबर्स ने भी ‘सब लोकतंत्र’ को हमेशा के लिए बैन किए जाने की निंदा की है।

रोहिंग्या व ‘तूफ़ान’ में ‘लव जिहाद’ के महिमामंडन पर उठाई थी आवाज़
इससे पहले जिस वीडियो को लेकर ‘सब लोकतंत्र’ के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, उसमें उन्होंने रोहिंग्या घुसपैठियों को मिल रहे संरक्षण पर सवाल उठाया था। साथ ही ATS द्वारा दिल्ली से सटे गाजियाबाद से रोहिंग्या घुसपैठियों को हिरासत में लेने की घटना का जिक्र किया था, जो मानव तस्करी में लगे थे। इसी तरह के अन्य घुसपैठियों के पास राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान पत्र मिले। उन्होंने बताया इन सभी आरोपितों के कागज़ात भारत आने से पहले ही इन्हें मिल गए थे और सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा था।

इससे पहले जुलाई 2021 के पहले हफ्ते में रचित कौशिक के यूट्यूब चैनल ‘सब लोकतंत्र‘ को 7 दिनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। YouTube का कहना था कि उनके चैनल ने ‘हेट स्पीच’ को आगे बढ़ाया है। इस बार भी ‘हेट स्पीच’ वाला राग ही यूट्यूब ने अलापा है। उस वीडियो में उन्होंने बताया था कि कैसे फरहान अख्तर की फिल्म ‘तूफ़ान’ के माध्यम से ‘लव जिहाद’ के गुप्त एजेंडे का महिमामंडन किया जा रहा है।

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