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छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 100 परिवारों को फिर से बनाया हिंदू: बोले BJP नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव- जब तक प्राण हैं घर वापसी से करते रहेंगे

आपको बता दे की छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पहली बार शनिवार (22 अप्रैल 2023) को घर वापसी कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। ‘राष्ट्र रक्षा महासम्मेलन एवं घर वापसी 2023’ में लगभग 100 परिवार दोबारा अपने धर्म में वापस लौटे। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता व ‘अखिल भारतीय घर वापसी’ के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव रहे।  

उन्होंने इस दौरान 100 परिवारों के पाँव पखारकर उन्हें अपने धर्म में वापस करवाई। इस कार्यक्रम को सर्वहितकारिणी मानव सेवा संस्थान और समस्त हिन्दू संगठनों के संयुंक्त तत्वावधान में आयोजित करवाया गया। इस दौरान कई संत और हिंदू संगठन के लोग भी कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे।


प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने अपने पिता द्वारा शुरू किए गए घर वापसी अभियान को तेज करते हुए कहा, “धर्मांतरण देश तोड़ने मे सबसे बड़ा खतरा, इसीलिए घर वापसी अति आवश्यक है, जब तक शरीर में प्राण है हम घर वापसी के माध्यम से सनातन धर्म की रक्षा करते रहेंगे।”


इससे पहले छत्तीसगढ़ के जशपुर में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने एक बार फिर से धर्मांतरित हुए 250 लोगों की घर वापसी करवाई थी। तब भी प्रबल प्रताप ने घर वापसी करने वाले के पैरों को गंगाजल से धोकर उनकी घर वापसी कराई थी और उन्होंने छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार, वहाँ के प्रशासन पर भी मिशनरियों की करतूतों को अनदेखा करने का आरोप लगाया था। मौके पर मौजूद अन्य संगठनों ने भी हिंदू समाज की एकता पर जोर दिया और आपस में मिल-जुल कर रहने का आह्वान किया।

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निरंतर घर वापसी अभियान

गौरतलब है कि प्रबल प्रताप सिंह जूदेव इस से पहले भी घर वापसी के कई कार्यक्रम आयोजित करवा चुके हैं। इसी साल जनवरी 2023 में जूदेव ने छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान करीब 1100 ईसाई बने हिंदुओं की समूहिक घर वापसी करवाई थी। अक्टूबर 2022 में प्रबल प्रताप जूदेव की मौजूदगी में उड़ीसा सुंदरगढ़ जिले में ईसाई बने 173 परिवारों के लगभग 500 लोगों ने हिंदू धर्म में घर वापसी की थी। प्रबल प्रताप जूदेव ने मार्च 2022 में छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक अन्य घर वापसी का कार्यक्रम करवाया था। तब उन्होंने ईसाई बने 1250 लोगों की घर वापसी करवाई थी।

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